दादा की मौत से सदमे में आया 15 साल का पोता, स्कूल के हॉस्टल में फांसी लगाकर दे दी जान
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मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले एक छात्र ने ऋषिकुल विद्यापीठ छात्रावास में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि कक्षा आठ का यह छात्र अपने दादा की मौत के बाद से अवसाद में था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। घटना बृहस्पतिवार देर रात की है। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मूल रूप से दिल्ली करवाल नगर उत्तर पूर्वी निवासी 15 वर्षीय किशोर ऋषिकुल विद्यापीठ संस्कृत महाविद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ता था। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार रात भी छात्रावास के सभी छात्र सो गए थे। देर रात करीब दो बजे एक छात्र कमरे से बाहर निकला था। जैसे ही वह बरामदे में पहुंचा तो उसकी चीख निकल गई।
शव धोती के फंदे से छत पर लगी बल्ली के सहारे झूल रहा था
छात्र के शोर मचाने पर छात्रावास के अन्य छात्र और प्रबंधन के लोग भी एकत्र हो गए। उन्होंने देखा कि बरामदे में एक छात्र का शव धोती के फंदे से छत पर लगी बल्ली के सहारे झूल रहा था।
ऋषिकुल विद्यापीठ प्रबंधन की सूचना पर मायापुर चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र तत्काल मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने घटना की सूचना छात्र के परिजनों को दे दी।
शुक्रवार सुबह ही परिजन हरिद्वार पहुंच गए थे। चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र ने बताया कि छात्र के दादा की हाल ही में मौत हुई थी। तब से वह मानसिक तनाव में चल रहा था। शायद इसी वजह से उसने आत्महत्या की है।