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उत्तराखंड में स्क्रब टाइफस ने ली छात्र की जान

Fri, 26 Sep 2014 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी Updated Fri, 26 Sep 2014 10:00 PM IST
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student died of scrub typhus in uttarakhand.

टिहरी के लंबगांव क्षेत्र स्थित चौंधार निवासी 11वीं के छात्र की स्क्रब टाइफस बुखार से मौत हो गई। टिहरी बांध की झील किनारे जलकुर नदी में नहाते समय किशोर को माइट (पिस्सू) नामक कीट ने काट दिया था।

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बुखार से मौत होने के बाद झील किनारे बसे गांव के लोग दहशत में आ गए। उन्होंने टीएचडीसी और जिला प्रशासन से झील के किनारों पर दवाइयों का छिड़काव कराने की मांग की है।
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प्रतापनगर ब्लॉक के रैका पट्टी में चौंधार निवासी राम सिंह पंवार का 17 वर्षीय पुत्र कपिल आठ सितंबर को बांध की झील किनारे जलकुर नदी में नहाने गया था। इस दौरान नम जगह पर घास और झाड़ियों में पाए जाने वाले माइट नामक कीट ने उसे काट दिया।
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तेज बुखार आने पर परिजनों ने उसे 10 सितंबर को लंबगांव में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया तो 22 सितंबर को उसे भानियावाला, जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जौलीग्रांट में चिकित्सकों ने जांच की तो पता चला कि बच्चे को स्क्रब टाइफस बुखार है, लेकिन सही इलाज में देरी होने पर किशोर ने 25 सितंबर को दम तोड़ दिया।

जानिए, क्या है स्क्रब टाइफस

student died of scrub typhus in uttarakhand.

स्क्रब टाइफस की खबर सुनते ही गांव में दहशत का माहौल हो गया। प्रधान पुरुषोत्तम सिंह ने टीएचडीसी और जिला प्रशासन से झील किनारे दवाइयों का छिड़काव करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

ऐसे होता है टाइफस
स्क्रब टाइफस बुखार माइट नामक कीट के काटने से होता है। यह कीट शरीर से चिपक कर खून पीता है और उसके बाद स्वत: ही छूट जाता है लेकिन पीड़ित को इसका पता नहीं चलता। इसके काटने से तत्काल उपचार नहीं मिलने पर मरीज को उल्टी आने के साथ ही दिमागी बुखार होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीज की मौत हो जाती है।
-डॉ. अनिल रावत, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट।

नम क्षेत्रों में इस तरह के कीट मिलते हैं। झील क्षेत्र में इस तरह की शिकायत है, तो वहां जल्द ही मलेरिया अधिकारी को भेजकर जांच कराने के बाद छिड़काव कराया जाएगा।
-अर्जुन सिंह सेंगर, सीएमओ टिहरी।

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