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शिक्षक ने ऐसी धमकी कि खुद की जान लेने को मजबूर हो गया नौवीं में पढ़ने वाला छात्रा

Thu, 12 Jul 2018 07:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Thu, 12 Jul 2018 07:14 AM IST
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student commit suicide afraid of teacher threat
suicide

स्कूल में शिक्षक के उत्पीड़न से परेशान होकर एक छात्र ने घर के छज्जे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूर्व छात्र ने अपने परिजनों के साथ ही चाइल्ड हेल्प लाइन को फोन कर बताया भी था कि विद्यालय में एक शिक्षक उसका उत्पीड़न कर रहा है।

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पुलिस को मामले में अभी कोई भी तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला मुख्यालय से लगी वरुणा घाटी के खुरकोट गांव में कक्षा नौ के छात्र मनीष चौहान (15) पुत्र प्यार सिंह चौहान ने मंगलवार देर शाम घर के छज्जे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र के तीन बड़े भाई जिले से बाहर रोजगार करते हैं।
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घटना के वक्त उसके पिता, मां और बहन भी किसी काम से गांव में ही कहीं गए थे। शाम सात बजे घर लौटने पर उन्हें पुत्र का शव फंदे से लटका मिला। बुधवार को चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक दीपक उप्पल के नेतृत्व में गांव पहुंची टीम ने बताया कि उक्त छात्र ने मंगलवार शाम पांच बजे चाइल्ड हेल्प लाइन पर फोन कर विद्यालय में शिक्षक द्वारा उत्पीड़न करने की बात कही थी।

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टीसी के बजाय चरित्रहीन प्रमाण-पत्र जारी करने की बात कही थी

student commit suicide afraid of teacher threat
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

समन्वयक उप्पल के अनुसार छात्र मनीष ने हेल्प लाइन में शिकायत की थी कि होमवर्क नहीं करने पर स्कूल में शिक्षक ने उसकी पिटाई की और जब उसने विद्यालय से नाम कटवाने की इच्छा जताई तो शिक्षक ने उसे टीसी के बजाय चरित्रहीन प्रमाण-पत्र जारी करने की बात कही थी।

इससे मनीष काफी परेशान था। इस संबंध में उसने पिता को भी बताया था। उप्पल के अनुसार चाइल्ड हेल्प लाइन टीम ने छात्र से बुधवार सुबह स्कूल में ही मिलकर समस्या का समाधान कराने की बात कही थी, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही छात्र ने आत्महत्या कर ली। मनीष हाईस्कूल भराणगांव में नौवीं कक्षा का छात्र था।

थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि पुलिस को बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे परिजनों ने आत्महत्या की सूचना दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 

कोटद्वार में किताबें नहीं मिलने पर छात्र ने दे दी थी जान

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कोटद्वार भाबर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गापुर के खूनीबड़ गांव में विगत पांच जुलाई को किताबें नहीं मिलने पर छात्र सौरभ ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

सौरभ राजकीय हाईस्कूल जीवानंदपुर में दसवीं कक्षा में पढ़ता था। माली हालत कमजोर होने से सौरभ के पिता उसके लिए किताबें नहीं खरीद पा रहे थे।

इस घटना का अहम पहलू यह है कि  राज्य सरकार की ओर से हाईस्कूल में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को भी निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें दिलाने की व्यवस्था है। सौरभ इसके लिए पात्र था। इसके बावजूद किताबों के लिए मिलने वाली छह सौ रुपये की धनराशि सरकार से नहीं मिल पाई थी।

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