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काम छोड़ हड़ताल पर निकले बैंक कर्मचारी

Wed, 18 Dec 2013 01:05 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 18 Dec 2013 01:05 PM IST
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strike in bank

राजधानी देहरादून में बुधवार को बैंकों के कर्मचारी कामकाज छोड़ सड़कों पर उतर आए। केंद्र सरकार की नीतियों को बैंक विरोधी करार देते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।

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15000 अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल में शामिल

प्रदेश में विभिन्न बैंकों की दो हजार शाखाओं के करीब 15000 अधिकारी व कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के अनुसार हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों के अलावा कर्नाटका और फेडरल बैंक भी शामिल होंगे।
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हड़ताल की वजह से प्रदेश में 350 करोड़ रुपये की चेक क्लियरेंस नहीं हो पाएगी। न ही बैंकों से कैश का लेनदेन होगा। बुधवार को सभी बैंकों के कर्मचारी राजपुर रोड स्थित आनंदम कांप्लेक्स में प्रदर्शन करने के बाद घंटाघर तक जुलूस निकालेंगे।

यूनियन के अनुसार 12 दिसंबर को संगठन पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर 26 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। अनुरोध किया गया था कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली को अमेरिकी बैंक प्रणाली की तरह न बनाया जाये, जहां सैकड़ों बड़े-बड़े बैंक फेल हुए हैं।

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संगठन ने बैंकों के निजीकरण रोकने, नए बैंकिंग लाईसेंस देने का विरोध, बैंक के विलीनीकरण का विरोध, डूबे हुए ऋणों के वसूलने के लिए कठोर कदम उठाने, बैंक डिफॉल्टर्स की सूची प्रकाशित करने की मांग की है, जिस पर अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।


हड़ताल की वजह
- दसवें वेतन समझौते की अवधि समाप्त हुए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन इसका पुन: निर्धारण नहीं किया जा रहा है।
- पिछला वेतन समझौता 17.5 प्रतिशत वेतन बढ़ोत्तरी पर हुआ था लेकिन इस बार पांच प्रतिशत का वादा कर तीन प्रतिशत ही बढ़ोत्तरी की गई है।
- सरकार द्वारा बैंकों के लाभ में कमी का बहाना तर्क संगत नहीं है। पिछले पांच वर्षों में बैंको के लाभ से 1,40,000 करोड़ रुपए खराब ऋणों को ठीक करने के लिए हस्तांतरित किए गए हैं। वर्ष 2008 में खराब ऋणों की राशि 39,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 2013 मे 1,94,000 करोड़ रुपए हो गई, जिसे वसूलने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।
- केंद्र सरकार ने हफ्ते में पांच कार्य दिवस की मांग खारिज कर दी है, जबकि आरबीआई और केंद्रीय कार्यालयों में यह नियम लागू है।
- अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति संबंधी मांग सरकार के पास वर्षों से विचाराधीन है जबकि अन्य विभागों में यह लागू है।

प्रदर्शन किया
केंद्र सरकार की बैंक विरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को बैंक कर्मियों ने राजपुर रोड स्थित आनंदम कांप्लेक्स में जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में आए कर्मचारियों ने बुधवार की हड़ताल की रणनीति भी तय की।

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इस मौके पर जगमोहन मेंदीरत्ता, सुरेश उपाध्याय, हरिओम नारंग, वीके जोशी, आरपी शर्मा, आरके गैरोला, समवंशी बड़थ्वाल, पीआर कुकरेती, रणवीर सिंह, विक्रम चौहान, राजन पुंडीर, जी शाह, अनिल जैन, पवन तलवाड़, सोहन सिंह रजवार, बीपी सुंदरियाल, राजेश सिंघल, विनय कुमार शर्मा, कमल तोमर, डीएन उनियाल, अनिल डंगवाल, मुरारी लाल नौटियाल आदि मौजूद रहे।

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