उत्तराखंड: पशु बलि रोकने गई पुलिस टीम पर पत्थरबाजी, जवान घायल
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पशुबलि रोकने के लिए सिलपाटा गांव गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी हुई, जिसमें होमगार्ड, पीआरडी सहित पुलिस के जवान चोटिल हो गए। कुछ महिलाएं प्रशासन की मदद के लिए आगे आईं और पत्थरबाजी रुकवाई। इसमें महिलाएं भी चोटिल हो गईं। हालांकि मामले में प्रशासन की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
उत्तराखंड के चमोली जनपद की आदिबदरी तहसील के सिलपाटा गांव में बीस साल बाद (30 दिसंबर से) सात दिनों से देवी की पूजा कार्यक्रम चल रहा था। शुक्रवार को अष्टमी पर पशु बलि के लिए ग्रामीण भैंसा ले आए।
सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम तहसीलदार सुशीला कोठियाल के नेतृत्व में गांव पहुंची। ग्रामीणों से वार्ता के बाद भैंसा प्रशासन की टीम को सौंप दिया गया। शुक्रवार देर शाम जब प्रशासन की टीम भैंसे को ले जाने लगी तो इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने टीम पर पत्थर बरसा दिए। इससे भैंसा बिदक गया और अफरा-तफरी मच गई। लोग बचने के लिए भागने लगे।
महिलाओं ने प्रशासन की मदद से रुकवाई पत्थरबाजी
पत्थरबाजी में होमगार्ड जवान सुनील और पीआरडी का जवान कलम सिंह सहित खुद चौकी प्रभारी प्रेम सिंह भंडारी घायल हो गए। करीब एक घंटे तक खेतों में चली इस भगदड़ में कुछ ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन की मदद की और पत्थरबाजी रुकवाई। इसमें महिलाओं को भी हल्की चोटें आई हैं।
पुलिस चौकी प्रभारी प्रेम सिंह भंडारी ने बताया कि बाद में किसी तरह पशुपालन, प्रशासन और पुलिस ने भीड़ सहित भैंसे को कब्जे में लेकर ट्रक में डाला और करीब साढ़े नौ बजे आदिबदरी पहुंचे। तहसीलदार सुशीला कोठियाल ने बताया कि ग्रामीणों को समझा दिया गया है। फिलहाल किसी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।