केदारनाथ के बाद अब मिशन नंदा राजजात
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साढ़े चार माह से केदारनाथ ट्रैक रूट और धाम में व्यवस्थाएं बनाने में जुटी निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी का सहयोग कर रही केदारनाथ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नई जिम्मेदारी के लिए निकल गई हैं।
इसी सप्ताह एसटीएफ हिमालयी महाकुंभ नंदा देवी राजजात ट्रैक पर तैनात हो जाएगी।
पिछले वर्ष आई आपदा के बाद रामबाड़ा से केदारनाथ तक नए मार्ग के निर्माण की देखरेख और अन्य व्यवस्थाओं के लिए शासन ने एसटीएफ का गठन किया।
डीआईजी जीएस मर्तोलिया के नेतृत्व वाली इस टीम में पर्वतारोहण और बर्फ में काम करने के अनुभवी पुलिस अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया था। 19 मार्च से एसटीएफ का मिशन केदारनाथ शुरू हुआ था।
ट्रैक के साथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा
वर्तमान में एसटीएफ और निम केदारनाथ धाम में बाढ़ सुरक्षा और दुकान बनाने का कार्य कर रहे हैं। इस बीच शासन ने एसटीएफ और निम को मिशन नंदा राजजात का जिम्मा भी दे दिया।
दोनों एजेंसियां नंदा देवी राजजात ट्रैक का सर्वेक्षण कर शासन को रिपोर्ट सौंप चुकी है। अब संयुक्त टीम को ट्रैक पर सुरक्षात्मक कार्यों के साथ ही पदयात्रियों की सुरक्षा करनी है। नंदा राजजात ट्रैक की तैयारियों को देखते हुए एसटीएफ के 32 अधिकारी/जवान केदारनाथ से वापस बुला लिए गए हैं।
एसटीएफ का प्लान
वर्तमान में केदारनाथ में एसटीएफ के दो जवान हैं, जो निम के साथ रहेंगे। शेष जवान, निम की टीम और 100 मजदूरों के साथ 13/14 अगस्त को नंदा देवी राजजात ट्रैक के लिए रवाना कर दिए जाएंगे।
-डीआईजी जीएस मर्तोलिया, मुखिया एसटीएफ