उत्तराखंड: एसटीएफ ने दून संभाग में 8 फर्मों से पकड़ी 25 करोड़ की जीएसटी चोरी, जल्द होगी रिकवरी
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राज्य कर विभाग के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जीएसटी जमा न करने पर एसटीएफ ने दून संभाग में आठ फर्मों के खिलाफ कार्रवाई कर 25 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। इसमें दो बिल्डर भी शामिल हैं। वहीं, प्रदेश भर में 38 फर्मों पर भी जीएसटी चोरी करने पर शिकंजा कसेगा। जिसमें करीब 22.37 करोड़ टैक्स चोरी किया गया।
राज्य कर आयुक्त सौजन्या के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त शहाब अली और आयुक्त (एसटीएफ) एसएस तिरुवा की अगुवाई में देहरादून संभाग के अंतर्गत आठ फर्मों के खिलाफ जीएसटी चोरी की जांच की गई। इसमें विभाग ने 25 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है।
ई-वे बिल के माध्यम से माल आयात करने वाली इन फर्मों के कारोबार व टैक्स संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। एसटीएफ ने पाया कि फर्मों द्वारा टैक्स रिटर्न जीएसटीआर-3 बी नहीं भरा जा रहा है और न ही कोई टैक्स जमा किया जा रहा है।
ई-वे बिलों की डिटेल और जीएसटीआर-2 ए की जांच पड़ताल पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ। जांच के दौरान व्यापारियों ने टैक्स चोरी को स्वीकार करते हुए दो-तीन दिनों में टैक्स जमा करने की मोहलत मांगी है। कार्रवाई में सहायक आयुक्त जयदीप सिंह रावत, मोहम्मद इमरान, एसटीओ उमेश दुबे व अन्य अधिकारी मौजूद थे
50 करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान
दरअसल, राज्य कर विभाग ने नौ अक्तूबर 2018 को जीएसटी चोरी करने के मामले में दून संभाग के अलावा प्रदेश में 38 फर्मों और व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभागीय खंडों को भेजी गई थी।
इन मामलों की जांच के दौरान करीब 50 करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान है। एसटीएफ इकाई की ओर से प्रदेश भर में व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इन सभी से चोरी की गई टैक्स की राशि को जमा करवाया जाएगा।
जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी डिवीजनों में एसटीएफ को टैक्स चोरी करने वालों के बारे में सूचना भेजी गई है। इसके तहत प्रदेशभर में कार्रवाई हो रही है।
-सौजन्या, राज्य कर आयुक्त