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अब बंदर भी कहेंगे 'छोटा-परिवार, सुखी परिवार'
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 18 Apr 2014 10:12 AM IST
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हरिद्वार सहित अन्य क्षेत्रों में बंदरों और हाथियों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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सौर ऊर्जा की तारबाड़ से हाथियों पर रोक
बंदरों की नसबंदी कर जंगलों में छोड़ा जाएगा। जबकि हाथियों को आबादी क्षेत्र में रोकने के लिए सौर ऊर्जा की तारबाड़ लगाकर बांस के पौधे लगाए जाएंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में प्रेस वार्ता में मुख्य वन संरक्षक एसएस शर्मा ने कहा कि बंदरों और हाथियों के आतंक से आम आदमी परेशान हैं।
इसके लिए हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में बंदर पकड़ने वाले प्रशिक्षित कर्मचारी राजाजी नेशनल पार्क कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। जिसके बाद बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
बंदरों के जोड़े की नसबंदी
बंदरों को पकड़ने के लिए नई टिहरी से रेसक्यू वैन को हरिद्वार मंगाया जा रहा है। कहा कि हिमाचल की तर्ज पर बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर स्थित रेसक्यू सेंटर ले जाकर बंदरों के जोड़े की नसबंदी की जाएगी। उसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
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वहीं हाथियों को रिहायशी इलाकों में रोकने के लिए राजाजी पार्क और वन विभाग में बांस लगाने का काम किया जाएगा। पांच साल तक बांस के पौधों की देखरेख की जाएगी।
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श्यामपुर-पीली में साढे़ चार किमी लंबी सौर ऊर्जा तारबाड़ प्रस्तावित है। हरिद्वार शहर में साढे़ छह किमी में दीवार बनेगी।
मौके पर राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक एसपी सुबुद्धि, डीएफओ एनबी शर्मा, वन्यजीव प्रतिपालक चीला एनबी शर्मा, संतराम, महेश सेमवाल, ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।
वाटर हॉल बनाए जाएंगे
पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार और जंगली सुअर का आतंक है। गुलदार को आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने से रोकने के लिए मध्य हिमालयी क्षेत्रों में वाटर हॉल बनाए जाएंगे।
इस पर सरकार की ओर से पांच करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रमुख वन संरक्षक एसएस शर्मा ने बताया कि चमोली जिले के गोपेश्वर और मंडल क्षेत्रों में भी वाटर होल बनाए जाएंगे।
सुअरों को रोकने के लिए होगी पहल
प्रमुख वन संरक्षक एसएस शर्मा ने बताया कि पहाड़ी जिलों में प्रभागीय वनाधिकारी अपने जिले में जंगली सुअरों से हो रही परेशानी को देखते हुए मनरेगा में प्रस्ताव भेज सकते हैं।
सुअरों से निजात पाने के लिए पत्थरों की दीवार लगाई जाएगी। उसके ऊपर तारबाड़ लगाई जाएगी।