फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Statue of Kargil Hero Major Vivek Gupta installed with military honors

कारगिल हीरो मेजर विवेक गुप्ता की प्रतिमा सैन्य सम्मान के साथ स्थापित

Sun, 07 Nov 2021 12:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
Statue of Kargil Hero Major Vivek Gupta installed with military honors
शहीद मेजर विवेक गुप्ता को श्रद्धांजलि देते जीओसी सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री। - फोटो : DEHRADUN
देहरादून। 1999 में कारगिल युद्ध के हीरो रहे दून के शहीद मेजर विवेक गुप्ता की प्रतिमा वसंत विहार के पार्क-11 में शनिवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ स्थापित की गई। इस दौरान शहीद मेजर विवेक गुप्ता की प्रतिमा को 90 नियमित व 80 एनडीए सहपाठियों ने युद्धनायक के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया व पुष्पांजलि अर्पित की।
विज्ञापन

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री मौजूद रहे। उन्होंने मेजर विवेक गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदित है कि कारगिल युद्ध के दौरान 13 जून 1999 को तोलोलिंग टॉप में दुश्मन के ठिकानों पर शुरुआती हमले में मेजर विवेक गुप्ता को अपनी कंपनी का नेतृत्व करने का मौका दिया गया था। इस दौरान उन्होंने अदम्य साहस व पराक्रम का परिचय दिया। युद्ध के दौरान उन्हें दो गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने फिर भी दुश्मनों पर हमला जारी रखा। आमने-सामने की लड़ाई में उन्होंने दुश्मन के तीन सैनिक मारे गए। लेकिन वह इस बीच दुश्मनों के हमले में वीर गति को प्राप्त हो गए। शहीद विवेक गुप्ता की वीरता के चलते ही भारत ने तोलोलोंग टॉप पर विजय प्राप्त की। शहीद मेजर विवेक गुप्ता को उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। सेना की पृष्ठभूमि वाले शहीद मेजर विवेक गुप्ता की स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल धौलाकुआं नई दिल्ली में 1987 में हुई। ऊर्जावान व्यक्तित्व, जोश और उत्साह से लवरेज विवेक गुप्ता जून 1988 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए। 13 जून 1992 को एक यंग सैकेंड लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय सैन्य अकादमी पास की इसके बाद उन्हें दो राजपूताना राइफल्स में शामिल में पोस्टिंग मिली। मेजर विवेक गुप्ता ने कमीशन लेने के ठीक पांच साल बाद यानी 13 जून 1999 को अपने जीवन को देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान कर दिया। प्रतिमा स्थापित करने के मौके पर सेना के अधिकारी व परिजन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed