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पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया तो 'गिरेगा' आशियाना
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 17 Oct 2013 01:38 PM IST
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बिना पर्यावरण स्वीकृति के बीस हजार वर्ग मीटर भूखंड पर निर्माण करने पर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती शुरू कर दी है।
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लीगल नोटिस जारी
ऐसे चार भूखंडों की जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद बोर्ड ने लीगल नोटिस जारी कर दिया है। भूखंड मालिकों को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीस हजार वर्ग मीटर निर्माण कार्य वाले बाइस परिसरों को चिह्नित किया है। इन्हें बोर्ड के समक्ष पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) प्रस्तुत करने के संबंध में पत्र भेजा गया था। लेकिन परिसर स्वामियों ने जवाब नहीं दिया। इस पर परिसरों की जांच कराई गई।
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बोर्ड के सदस्य-सचिव विनोद सिंघल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद वेलहम गर्ल्स, ग्राफिक एरा, जीटीएफ फारेस्ट और साइबर पार्क को लीगल नोटिस दे दी गई है।
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जवाब देने के लिए पंद्रह दिन का समय
सिंघल ने बताया कि लीगल नोटिस का जवाब देने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया है। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जैसे जांच रिपोर्ट आती रहेगी कंपनियों और भूखंड स्वामियों को लीगल नोटिस दिया जाता रहेगा।
बिना ईसी के बीस हजार वर्ग मीटर पर निर्माण करने वालों के खिलाफ इन्वायरनमेंटल क्लीअरेंस एक्ट 1986 की धारा 19 के तहत कार्रवाई की जा रही है। नोटिफिकेशन में यह बात पहले ही स्पष्ट कर दी गई थी कि बीस हजार वर्ग मीटर भूखंड पर निर्माण के पहले पर्यावरण मंत्रालय से ईसी लिया जाना जरूरी है।
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