प्रेरणा बना PM मोदी का यह अभियान, अब फ़ीस लिए बिना देंगे बेटियों को ज्ञान
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राजकीय इंटर कालेज कोटद्वार ने लड़कियों की पढ़ाई के लिए विद्यालय के द्वार खोल दिए हैं। अब तक इस विद्यालय में लड़कियों को प्रवेश नहीं दिलाया जाता था। लड़कियों को कक्षा छह से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं में प्रवेश मिलेगा।
खास बात यह रहेगी कि विद्यालय के शिक्षकों ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ अभियान के तहत उनकी पढ़ाई का सारा खर्च खुद उठाने का निर्णय लिया है। प्रधानाचार्य और शिक्षक अपने वेतन से उनकी पुस्तकें, बस्ते, जूते और स्कूल ड्रेस का इंतजाम करेंगे।
पढ़ाई के लिए एक अनूठी पहल
जीआईसी कोटद्वार के शिक्षकों ने बेटियों की पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के लिए एक अनूठी पहल की है। शिक्षक संतोष नेगी ने बताया कि इसी शिक्षण सत्र से सभी कक्षाओं में लड़कियों को प्रवेश देते हुए उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठाया जाएगा।
इसमें श्री सिद्धबली मंदिर समिति समेत कई सामाजिक संस्थाओं ने भी सहयोग का भरोसा दिलाया है। कोटद्वार शहर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में जो माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेज पा रहे थे, उन्हें जागरूक कर बेटियों को स्कूल तक लाने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षण शुल्क किया माफ
प्रधानाचार्य जगमोहन सिंह रावत का कहना है कि लड़कियों के लिए सरकार की ओर से शिक्षण शुल्क माफ किया गया है। दूसरे खर्च स्कूल ड्रेस, बस्ता, जूते, पाठ्य-पुस्तकों की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
गत वर्ष केवल कक्षा छह में 13 छात्राओं को प्रवेश दिलाया गया था, लेकिन इस बार सभी कक्षाओं में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है।