{"_id":"692d98bc9691396099026889","slug":"standards-will-have-to-be-set-for-winter-travel-harish-rawat-dehradun-news-c-5-drn1043-846581-2025-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीतकालीन यात्रा के लिए तय \nकरने होंगे मानक : हरीश रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीतकालीन यात्रा के लिए तय करने होंगे मानक : हरीश रावत
विज्ञापन
-पूर्व सीएम ने कहा- पीएम मोदी भी बार-बार शीतकालीन यात्रा व वेडिंग डेस्टिनेशन की बात दोहरा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, शीतकालीन यात्रा संचालन के लिए प्रदेश सरकार को मानक तय करने होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बार-बार शीतकालीन यात्रा व वेडिंग डेस्टिनेशन की बात दोहरा रहे हैं। इसके लिए हम उनके आभारी हैं।
चारधामों की शीतकालीन यात्रा कैसे एक प्रेरक बनें, इस पर हमारी इस यात्रा की सफलता निर्भर करती है। उत्तराखंड में देवस्थल पहले से विद्यमान हैं। हमारे वेद ग्रंथ कहते हैं शीतकाल में इन स्थलों पर देवता विराजमान हैं, उनके विग्रह वहां पर स्थापित हैं, रोजाना पूजा पाठ होती है। हम उसके साथ लोगों की आस्था व राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य को किस तरह से जोड़ सकते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को मानक तय करने होंगे। इसके अलावा शीतकालीन यात्रा से होमस्टे, रिजॉर्ट, होटल के साथ पहाड़ी व्यंजन, वस्त्र, आभूषण, शिल्प को जोड़ने के लिए रूपरेखा बनाने की आवश्यकता है। 2014 में कांग्रेस सरकार के समय हमने चारधाम शीतकालीन यात्रा प्रारंभ करने की बात कही। इसके लिए एक एसओपी तैयार की, जिससे निर्धारित मानकों के अनुसार यात्रा प्रारंभ हो।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, शीतकालीन यात्रा संचालन के लिए प्रदेश सरकार को मानक तय करने होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बार-बार शीतकालीन यात्रा व वेडिंग डेस्टिनेशन की बात दोहरा रहे हैं। इसके लिए हम उनके आभारी हैं।
चारधामों की शीतकालीन यात्रा कैसे एक प्रेरक बनें, इस पर हमारी इस यात्रा की सफलता निर्भर करती है। उत्तराखंड में देवस्थल पहले से विद्यमान हैं। हमारे वेद ग्रंथ कहते हैं शीतकाल में इन स्थलों पर देवता विराजमान हैं, उनके विग्रह वहां पर स्थापित हैं, रोजाना पूजा पाठ होती है। हम उसके साथ लोगों की आस्था व राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य को किस तरह से जोड़ सकते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को मानक तय करने होंगे। इसके अलावा शीतकालीन यात्रा से होमस्टे, रिजॉर्ट, होटल के साथ पहाड़ी व्यंजन, वस्त्र, आभूषण, शिल्प को जोड़ने के लिए रूपरेखा बनाने की आवश्यकता है। 2014 में कांग्रेस सरकार के समय हमने चारधाम शीतकालीन यात्रा प्रारंभ करने की बात कही। इसके लिए एक एसओपी तैयार की, जिससे निर्धारित मानकों के अनुसार यात्रा प्रारंभ हो।
विज्ञापन