पतंजलि योगपीठ ने खेला करोडों का 'खेल'

बसंत कुमार/ अमर उजाला, रुड़की Updated Sun, 24 Nov 2013 11:00 AM IST
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stamp duty stealing caught

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योगगुरु बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योगपीठ ने जमीनों की खरीद फरोख्त में जमकर खेल हुआ है। जमीनों की खरीदारी में करीब एक करोड़ रुपए की स्टांप शुल्क चोरी पकड़ी गई है।
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योगपीठ संचालक को नोटिस जारी
यह खुलासा होने पर प्रशासन ने योगपीठ संचालक को नोटिस जारी किए गए हैं। रुड़की सब रजिस्ट्रार कार्यालय से वर्ष 2005 से 2009 तक पतंजलि योगपीठ ने 28 जमीनों के बैनामें कराए गए। शांतरशाह क्षेत्र में संस्था के लिए खरीदी गई इन जमीनों के बैनामें में जमकर स्टांप शुल्क चोरी की गई।
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सब रजिस्ट्रार कार्यालय में बैनामें के दौरान कम स्टांप डयूटी दी गई। इसका खुलासा तब हुआ जब गत एक माह पूर्व जिला प्रशासन के निर्देश पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से स्टांप शुल्क चोरी की जांच की गई। जांच में सामने आया कि सभी बैनामों में एक करोड़ रुपए कम स्टांप डयूटी लगाई गई।

जांच टीम ने रिपोर्ट करीब दो सप्ताह पूर्व जिला प्रशासन को भेज दी थी। एक करोड़ रुपए की स्टांप शुल्क चोरी होने की बात सामने आने पर एडीएम वित्त की ओर से संस्था को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। एडीएम की ओर से नोटिस जारी होने के बाद संस्था के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

सरकारी भूमि पर कब्जे के चार मामले
पतंजलि योग पीठ द्वारा चार मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें संस्था की ओर से सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। तहसीलदार की कोर्ट ने इन कब्जों को अवैध ठहराते हुए कार्रवाई के आदेश किए तो संस्था ने जिलाधिकारी कोर्ट में अपील कर दी।

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बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योगपीठ द्वारा शांतराह की ग्राम समाज की भूमि पर चार जगह अवैध रुप से कब्जा किया। संस्था की ओर से ग्राम समाज की भूमि मौजूद नाली एवं चकरोड़ पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर दिए।

वर्ष 2011 से तहसीलदार कोर्ट में चल रहे मामले में कब्जों को अवैध ठहराते हुए कार्रवाई के आदेश पंद्रह दिन पूर्व कर दिए थे, लेकिन संस्था की ओर से तहसीलदार कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए जिलाधिकारी कोर्ट में अपील कर दी। तहसीलदार ऋषिपाल सिंह चौहान ने बताया कि अब जिलाधिकारी कोर्ट से ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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