इस आम आदमी के नाम दुनिया का सबसे बड़ा 'जादुई रिकॉर्ड'
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उत्तराखंड के बागेश्वर में रहने वाले सामान्य से दिखने वाले इस इंसान के नाम सबसे बड़ा 'जादुई रिकॉर्ड' दर्ज हो गया है।
लिम्का बुक के बाद वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराने वाले ऐठाण निवासी हरिओम ऐठानी का नाम अब इंटरनेशनल वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड और यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम में भी दर्ज हो गया है।
गणित विद्या में माहिर हरिओम ने 1260 घंटे (53 दिन) में 48 हजार पहेलियां लिखकर सभी को हैरत में डाला है। वह अब गिनीज बुक में अपना नाम लिखाने का प्रयास कर रहे हैं।
नगर पंचायत कपकोट के ऐठाण निवासी हरिओम ऐठानी जनता इंटर कॉलेज असों में पीटीए शिक्षक हैं। अमर उजाला में प्रकाशित होने वाली जादुई पहेलियां देख उन्होंने 2009 में पहेलियां बनाने की शुरुआत की।
1260 घंटे में लिख डालीं 48 हजार जादुई पहेलियां
हरिओम को शुरू में पहेलियां तैयार करने में परेशानी हुई। उन्होंने 1260 घंटे में 48 हजार जादुई पहेलियां लिख डालीं।
अलग-अलग अंकों में बनी पहेलियों की खासियत यह है कि उसे जिस हिस्से से भी जोड़ा जाए, उसका जोड़ समान ही आता है। अंदर के खानों को उप वर्ग कहा जाता है। उन्हें गिनने पर पहेलियों का जोड़ भी बराबर ही आता है। उन्होंने 450 चार्ट पेपर में हाथ से 48 हजार मैजिक स्क्वायर बनाए हैं।
इनका वजन 13 किलो है। उन्हें 16 सितंबर 2014 को डाक से लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने का प्रमाण पत्र मिला, जबकि 25 मार्च 2015 को उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के संस्थापक पवन सोलंकी के हस्ताक्षरों से वर्ल्ड रिकॉर्ड ट्रॉफी और मेडल मिला।
15 जुलाई 2015 को उन्हें वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अध्यक्ष नीलम के हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट मिला। 18 जुलाई 2015 को उन्हें यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम के अध्यक्ष प्रो. डॉ. सिद्धार्थ घोष और मुख्य संपादक रूद्रदीप रॉय ने होम ऑफ टेलेंट सर्टिफिकेट डाक से भेजा है।