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जीवन में खुशियां लाती है गौरेया
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 20 Mar 2015 05:01 PM IST
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आपके घर आंगन में गौरेया का कलरव जीवन के तनाव को कम करने के साथ ही खुशियां लाएगा।
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बदलते मानव जीवन शैली में विलुप्त हो रही गौरेया को बचाने के लिए हम सबको संकल्प लेने के साथ ही घर के खाली जगह में लकड़ी का बक्सा बनाने की जरूरत है। गौरेया एक छोटी चिड़िया है। नर गौरेया की पहचान उसके उसके गले के पास काले धब्बे से होती है।
छोटे-छोटे पंख, पीली चोंच और पैरों के रंग भी पीला होता है। गौरेया की लंबाई 14 से 16 सेंटीमीटर होती है। गौरेया मानव बस्तियों के आसपास रहना पसंद करती है। डीएफओ हल्द्वानी सीएस सनवाल ने बताया कि विश्व में सबसे अधिक पाए जाने वाले पक्षियों में से है।
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लोग जहां भी घर बनाते हैं देर सवेर गौरेया के जोड़े वहां रहने पहुंच जाते हैं। मोबाइल टावरों के निर्माण से टावरों की तरंगों से दिशा ज्ञान और प्रजनन पर विपरीत असर हो रहा है, जिससे गौरेया का जीवन संकट में है। प्रदूषण एंव विकिरण से तापमान बढ़ना भी इसके विलुप्त होने का मुख्य कारण है।
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मानव की बदलती जीवन शैली ने गौरेया के आवास, भोजन और घोंसले बनाने वाले स्थानों को नष्ट कर दिया है। पेस्टी साइड के बेतहाशा प्रयोग से गौरेया ही नहीं मानव आबादी में रहने वाले सभी जीव जंतुओं पर संकट आ गया है।
मनुष्यों को आधुनिक मकानों में कुछ खुली जगहों में गड्ढेनुमा आकृतियां बनाकर और लकड़ी के बक्सों का इस्तेमाल कर गौरेया के आवास के लिए किया जा सकता है। प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी अनुसंधान एमएस बिष्ट ने कहा कि गौरेया बचाने और आंगन में बुलाने के लिए दाना डालने के साथ ही मिट्टी के बर्तन में पानी रखना चाहिए।
तनाव दूर करती चिड़िया
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. अजय बजाज का कहना है कि चिड़िया की चहचहाहट से दिमाग को सुकून मिलता है। यह तनाव को दूर करती हैं। मनोरोगी चिड़ियों के आसपास रहे तो उसे दवाओं की भी कम जरूरत पड़ती है।
2010 में पहली बार मनाया गया विश्व गौरेया दिवस
गौरैया की कम होती आबादी को बढ़ाने और इस चिड़िया के संरक्षण के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। पहली बार विश्व गौरैया दिवस 2010 में मनाया गया। इसके संरक्षण के लिए कुछ एनजीओ और कई चिड़ियां प्रेमी अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं। आज स्पैरो डे है।
क्या आप पक्षी प्रेमी हैं, क्या आपने चिड़ियों के लिए कोई घोंसला बनाया है। यदि हां तो ब्यौरे के साथ 7830001339 नंबर पर एसएमएस करें, कृपया फोन न करें। आप hld-cityreporter@ntl.amarujala.com पर नाम-पते और फोटो के साथ ईमेल भी कर सकते हैं।