फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   soon aadhar card can stop land forgery

अब यहां भी जरूरी होगा आधार कार्ड, जरूर पढ़ें वरना रहेंगे परेशान

Wed, 12 Apr 2017 08:50 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 12 Apr 2017 08:50 AM IST
विज्ञापन
soon aadhar card can stop land forgery
aadhar card

आधार कार्ड अब और ज्यादा जरूरी होने जा रहा है। अब आधार कार्ड भूमि फर्जीवाड़ा भी रोकेगा। रिकार्ड में हेराफेरी कर भूमि का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए प्रदेश सरकार अब ‘आधार नंबर’ का भी सहारा लेगी। शासन स्तर पर जमीन मालिक के रिकार्ड को आधार नंबर से लिंक करने की योजना पर मंथन शुरू हो गया है। शासन स्तर पर मंगलवार को इस संबंध में एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

विज्ञापन


बता दें कि केंद्र और प्रदेश सरकार के स्तर पर भूमि के रिकार्ड के  आधुनिकीकरण की योजना पर पिछले एक साल से काम चल रहा है। नेशनल लैंड रिकार्ड मार्डनाइजेशन प्रोग्राम (डिजिटल इंडिया) में पौड़ी और अल्मोड़ा जनपद पहले से शामिल हैं। अब बाकी 11 जिलों को भी योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन


केंद्र को इसके लिए 15.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इस बीच केंद्र ने राज्य सरकार को यह सुझाव दिया है कि भूमि संबंधी रिकार्ड के डिजिटलाइजेशन के साथ उसे जमीन मालिक के आधार नंबर से भी लिंक किया जाए। अब सरकार डिजिटलाइजेशन के साथ-साथ आधार नंबर को भी लिंक करेगी।   
विज्ञापन
विज्ञापन

 

आसान नहीं होगा फर्जीवाड़ा

soon aadhar card can stop land forgery
Fraud


भारत सरकार की योजना के हिसाब से उत्तराखंड सरकार ने भू रिकार्ड से संबंधित डिजिटल योजना को यदि लागू कर दिया तो भूमि के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। जमीन के मालिक से लेकर खरीददार तक भूमि की लोकेशन और उसकी खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों का ऑनलाइन अवलोकन कर सकेंगे। भूमि की सेटेलाइट तस्वीर के जरिये उसकी सही लोकेशन को क्रास चेक कर सकेंगे। 

मगर कठिन है सर्वे की डगर
यह कवायद बेशक आम लोगों के हितकर साबित होगी, मगर इसके लिए सर्वे का काम शुरू करना इतना आसान नहीं है। राजस्व विभाग के अफसरों की मानें तो इस अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए सरकार को गुजरात और बिहार की तर्ज पर सर्वे के पारंपरिक तरीकों को बदलना होगा। इसके लिए तीन आधुनिक विकल्प हैं। पहला ग्लोबल पोजिशन सिस्टम, दूसरा इलेक्ट्रानिक टोटल स्टेशन (ईटीएस) और तीसरा एरियल सर्वे। गुजरात में ईटीएस से सर्वे हो रहा है।

भू स्वामी को उसकी जमीन के रिकार्ड लिंक करने के प्रस्ताव है। इसे लेकर एक बैठक रखी गई है। दो जिलों में रिकार्ड के डिजिटलाइजेशन के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। 11 और जनपदों का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा रहा है।
- जीएस गुणवंत, स्टॉफ ऑफिसर, राजस्व परिषद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed