उत्तराखंड के उपचुनाव पर सोनिया की नजर
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लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों सीटें हारने वाली कांग्रेस विधानसभा के उपचुनाव को लेकर खासी गंभीर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को सोनिया गांधी से मिलने पहुंची वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश से उन्होंने उपचुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की।
उत्तराखंड में कांग्रेस अपनी खिसकी राजनैतिक जमीन की वापसी के साथ संख्या बल में भी मजबूती चाह रही है।
कांग्रेस को अगले तीन साल प्रदेश में सरकार और दबदबा कायम रखने के लिए तीनों ही सीटें जीतनी होगी। ताकि सरकार पर लगातार बना सहयोगियों का दबाव भी समाप्त हो सके।
तीनों सीटों पर समझा जीत का गणित
कांग्रेस अगर तीनों सीटें जीत जाती है तो उसकी संख्या बहुमत से सिर्फ एक कम रह जाएगी। वर्तमान में कांग्रेस के 32 विधायक हैं जबकि बहुमत केलिए 36 का आंकड़ा चाहिए।
सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी ने इंदिरा हृदयेश से बारी-बारी तीनों सीटों पर जीत का गणित समझा। बताते हैं कि सोनिया ने साफ हिदायत दी है कि किसी भी तरह की गुटबाजी पर तत्काल विराम लगे ताकि कांग्रेस उम्मीदवारों को अपनों से खतरा न हो।
सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में उनकी धारचूला सीट पर भी कांग्रेस के बड़े नेताओं को फोकस करने को कहा है।
इंदिरा ने दिया सभी सीटों पर जीत का भरोसा
एम्स में इलाज करा रहे हरीश रावत की गैरमौजूदगी में इन दिनों वरिष्ठता के क्रम में इंदिरा हृदयेश प्रदेश सरकार का कामकाज देख रही हैं। सोनिया गांधी ने उनसे आपदा के बाद की योजनाओं पुनर्निर्माण और पुर्नवास कार्यों और चारधाम यात्रा की जानकारी भी ली।
इंदिरा हृदयेश का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष को इस बात के लिए आश्वस्त किया है उपचुनाव में कांग्रेस तीनों सीटों पर विजयी होगी।
इंदिरा हृदयेश रविवार को एके एंटनी कमेटी की बैठक में भी शामिल होंगी। इस बैठक में लोकसभा चुनाव की हार पर चर्चा होनी है।