घात लगाकर बैठे बाघ ने पिता पर किया हमला, तो मौत के मुंह से ऐसे खींच लाया बेटा
उत्तराखंड के रामनगर में मालधन के तुमड़िया डाम क्षेत्र के जंगल में पशु को तलाशने गए पिता-पुत्र पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में पिता को गंभीर चोटें आ गई। बेटे ने हिम्मत जुटाकर शोर मचाया और बाघ को भगा दिया।
वह किसी तरह पिता को लेकर जंगल से बाहर आया और फोन कर 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि एंबुलेंस के न आने से पिता को बाइक से ही रामनगर अस्पताल लेकर पहुंचा।40 वर्षीय सरजीत सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी तुमड़िया डाम नंबर दो अपने बेटे हरदीप सिंह को लेकर मंगलवार की शाम पांच बजे पशुओं को खोजने के लिए जंगल में गया था।
हरदीप सिंह के अनुसार उसके पिता आगे चल रहे थे। जंगल में अचानक एक बाघ झाड़ियों से निकला और पिता पर हमला कर दिया। यह देखकर उसने शोर मचाया तो बाघ छोड़कर जंगल की ओर चला गया।
पिता को किसी तरह जंगल से बाहर से निकाला और 108 एंबुलेंस को फोन किया। फोन करने के बाद भी घंटों तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। सरजीत की छाती व पीठ पर बाघ के दांत के गहरे घाव हैं।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ के निर्देश पर आमपोखरा रेंज के रेंजर ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग हिमांशु बागरी ने बताया कि जहां पर हमला हुआ है, वह दक्षिणी जसपुर, आमपोखरा रेंज के अंतर्गत आता है।
ऐसे में आमपोखरा रेंजर को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। युवक की हालत यदि गंभीर है, तो उसे हल्द्वानी रेफर करके बेहतर इलाज कराया जाएगा।