40 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गया जवान, आतंकियों के साथ 17 घंटे तक चली थी मुठभेड़
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रविवार को पुणे स्थित पैराप्लेजिक रिहेब सेंटर में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। आज सोमवार को उनका शव दून पहुंचेगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। उधर, बेटे की मौत की खबर से शहीद के परिवार में मातम का माहौल है।
मूलरूप से कर्णप्रयाग निवासी और दून के हर्रावाला स्थित सिद्धपुरम में रह रहे राष्ट्रीय राइफल्स के जवान नायक दीपक नैनवाल वर्ष 2001 में बेटा फर्स्ट महार रेजिमेंट के जरिये सेना में भर्ती हुए थे।
फेफड़े को चीरती हुई दिल के पास लगी थी दो गोलियां
दो गोलियां उनके फेफड़े को चीरती हुई दिल के पास लगी थी। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए करीब 17 दिन बाद इलाज के लिए एक मई को एयर एंबुलेंस के जरिये पुणे पैराप्लेजिक रिहेब सेंटर रेफर किया गया।
जहां 20 दिन बाद रविवार सुबह करीब छह बजे डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। दीपक के भाई प्रदीप नैनवाल ने बताया कि बीते शनिवार की रात चिकित्सकों का फोन आया था, जिसमें उन्होंने दीपक की हालत नाजुक बताई थी। उनके साथ पिता चक्रधर प्रसाद, पत्नी ज्योति मौजूद थे।
पिता बोले, बेटे की शहादत पर गर्व
नायक दीपक नैनवाल के पिता चक्रधर प्रसाद ऑननरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे पर गर्व है, उसने देश के लिए अपनी जान दी है।
वहीं, बेटे की मौत की खबर से हर्रावाला स्थित मकान में मातम का माहौल है। दीपक की माता पार्वती व उनके बच्चे रेयांश और लावण्या घर पर हैं, घर पर लोगों को तांता लगा हुआ है। जवान नायक दीपक नैनवाल का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर तीन बजे आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री से की एयर एंबुलेंस की मांग
प्रदीप नैनवाल ने बताया कि उन्होंने दीपक का पार्थिव शरीर लाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से एयर एंबुलेंस की मांग की है। जिस पर उन्हें एयर एंबुलेंस के लिए सेना के अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया गया है।