{"_id":"dd4e6bcbd1e0d8fabbdde45b89b63594","slug":"snowfall-make-trouble-in-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के पैंतीस गांवों में जिन्दगी ठहरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड के पैंतीस गांवों में जिन्दगी ठहरी
अमर उजाला, त्यूनी
Updated Tue, 31 Dec 2013 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्फबारी ने त्यूनी-चकराता मोटर मार्ग से जुडे़ करीब 35 गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मार्ग बर्फबारी के कारण पहले से ही बंद पड़ा है, वहीं दुबारा हुई बर्फबारी से मार्ग के जल्द खुलने की आसार भी खत्म हो गए हैं।
विज्ञापन
पढ़ें, बेटे का मुंह देख दान कर दी बेटी की आंखें
विज्ञापन
लोगों का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। गांवों में राशन और गैस की किल्लत होने लगी है।
22 दिसंबर को बर्फबारी के कारण 90 किलोमीटर लंबी सड़क लोखंडी, कोटी, कनासर, उसमाड़ आदि जगहों पर बंद हो गई थी।
बर्फ से रास्ता जाम
पाले के कारण बर्फ जम गई है। जिस कारण सड़क नहीं खुल सकी है। मार्ग बंद होने से जाड़ी, बिनसोन, कोटी, कनासर, रजाणू, ठारठा, चिल्हाड़, पुनींग, सावरा, बंद्रौली, कुनैन, झबराड़, अमराड़, खरोड़ा समेत 35 गांवों की आवाजाही मुश्किल बनी हुई है।
विज्ञापन
पढ़ें, ऐसा पर्यटन स्थल जहां पीने का पानी ही नहीं
ग्रामीणों को वाया मीनस होकर जाना पड़ रहा है या फिर बर्फ के बीच मीलों पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। लोनिवि के ईई नवनीत पांडेय ने कहा कि बर्फबारी को पिघलाने के लिए चूना डाला गया था, लेकिन फिर से बर्फबारी के कारण दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। मौसम साफ होने पर ही यातायात बहाल किया जा सकेगा।