केदारनाथ समेत चारों धामों में बारिश और बर्फबारी, चमोली में अलर्ट
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केदारनाथ में हल्की बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से शनिवार शाम छह बजे तक करीब 5 इंच नई बर्फ जम गई थी। इससे धाम का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। यहां तीन मई से शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियां प्रभावित हुई हैं।
शनिवार दोपहर बाद केदारनाथ में मौसम खराब हो गया। दोपहर 12 बजे आधा घंटे हल्की बारिश हुई। इसके बाद काफी तेज ओलावृष्टि, जबकि पौने एक बजे के केदारनाथ में बर्फबारी शुरू हो गई, जो शाम 4.30 बजे से और तेज हो गई है।
शाम छह बजे तक करीब 5 इंच तक नई बर्फ जम गई थी। छानी कैंप से रामबाड़ा तक भी हल्की बर्फबारी जारी थी। बीते पांच दिन से दोपहर बाद मौसम खराब होने का सिलसिला बना हुआ है। इस कारण 3 मई से शुरू हो रही यात्रा की तैयारियां और केदारनाथ के पुनर्निर्माण के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। निम के प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि 25 अप्रैल से दोपहर बाद मौसम खराब हो रहा है।
जनपद में दोपहर बाद मौसम का रूख बदला। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में शाम को कुछ देर झमाझम बारिश हुई। निचले इलाकों में अंधड़ व ठंडी हवाएं चलने से तापमान गिरा है।
चमोली जिले में 36 घंटे का अलर्ट
बारिश होने से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में मौसम बेहद सुहावना हो गया है। शनिवार को सुबह चटख धूप के साथ दिन की शुरूआत हुई। दोपहर बाद अचानक मौसम के तेवर बदले और आसमान में बादल छाए गए।
कुछ ही देर बाद निचले इलाकों में बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। हनुमान चट्टी से आगे यमुनोत्री धाम की ओर से झमाझम बारिश हुई जबकि गंगोत्री धाम में भी बारिश होने की सूचना है। इससे दोनों धाम में पहुंचे यात्रियों ने यहां की सुहावनी व खूबसूरत वादियों का खूब आनंद उठाया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने जिले में 36 घंटे का अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने कहा कि 29 अप्रैल की रात से जिले में 36 घंटे तक ओलावृष्टि और अंधड़ होने की संभावना है।
उन्होंने आम जनता के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क और अलर्ट रहने के लिए कहा है। तहसील अधिकारियों को अलर्ट के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।