उत्तराखंडः बर्फ से लकदक चोटियां, चकराता @ -2 डिग्री
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देरी से ही सही उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदली तो ऊंची चोटियों पर दूर तलक तक बर्फ की चांदी बिछ गई। रविवार को जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर इस सीजन का पहला हिमपात हुआ।
चकराता समेत ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। घाटी में बसे गांवों में भी बर्फबारी हुई है। दूर से ही बर्फ से ढकी पहाड़ियों का मनोरम नजारा लोगों को खासा लुभा रहा है। लोखंडी और आसपास के इलाकों में करीब एक से दो फीट बर्फ पड़ी है।
चकराता छावनी बाजार में भी बर्फ गिरने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं। बर्फबारी और बारिश के कारण पारा भी लुढक गया है। आलम यह रहा कि चकराता का पारा माइनस में चला गया। रविवार को चकराता का अधिकतम तापमान 03 और न्यूनतम -02 डिग्री रिकार्ड किया गया।
ऊंची चोटियों पर सुबह पांच बजे से बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह सात बजे लोखंडी समेत आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर एक बजे बारिश तेज हुई तो चकराता की सूनी पड़ी पहाड़ियों में भी तीन बजते-बजते बर्फ की फुहारें गिरना शुरू हो गया। चकराता बाजार में आधा फीट बर्फ गिरी है।
जल उठे अलाव
चकराता समेत ऊंची चोटियों में बर्फबारी होने से सुबह से ही घरों में अलाव और हीटर जल उठे। जगह-जगह लोग अलाव और हीटर जला हाथ तापते नजर आए। सुबह के समय बारिश के चलते चकराता बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लेकिन बर्फबारी गिरने के साथ ही लोग बाहर निकल बर्फबारी में खेलते-कूदते नजर आए।
यहां हुई बर्फबारी
खड़ंबा, लोखंडी, देववन, व्यास शिखर, कोटी कनासर, कांडीधार, खादरा, लुहासू समेत कई ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई है। वहीं कथियान, डांगूठा, चौरीलाड़ी, डेरसा, प्यूनल, बागिया, ठारठा, पुनिंग, बेगी, बागणी, बुल्हाड़, डीडा, रजाणू समेत दो दर्जन से अधिक तलहटी में बसे गांव भी बर्फ की सफेद चादर में लिपट चुके हैं। भरम क्षेत्र के 14 गांव तो पूरी तरह से बर्फ के आगोश में कैद हो गए हैं।
पछवादून में बारिश
पहाड़ी इलाकों में जहां सुबह से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। देर शाम तक क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते लोग घरों में दुबके रहे। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई। रविवार को विकासनगर का अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम 05 डिग्री रिकार्ड किया गया।
बुग्यालों में दिनभर हुई बर्फबारी
कर्णप्रयाग में रविवार सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से घाटी वाले इलाकों में शीत लहर चलती रही। वहीं देवाल के वेदनी, आली और बगची बुग्यालों में दिनभर बर्फबारी होती रही। वाण, लोहाजंग, घेस, हिमनी, पिनाऊं आदि गांवों में रूक रूककर बर्फबारी होती रही।
गैरसैंण के नंदाठोंक, दूधातोली, भराड़ीसैंण में भी बर्फ गिरी। कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली, आदिबदरी, गौचर सहित आस पास के घाटी वाले इलाकों में हल्की बारिश के साथ शीतलहर चलती रही। इस दौरान लोग घरों में दुबके रहे, जबकि बाजारों में लोगों ने ठंड से बचने के लिए आग का सहारा लिया।
जोशीमठ (चमोली) में लंबे समय बाद रविवार को बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रूद्रनाथ, गौरसों बुग्याल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। सुबह पांच बजे मौसम ने करवट ली। निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई।
औली में दोपहर ढाई बजे से बर्फबारी शुरू हुई, हालांकि दोपहर तक औली में मात्र बर्फीली हवाएं चली, लेकिन जैसे ही जोशीमठ में बारिश शुरू हुई तो औली में भी बर्फबारी होनी शुरू हो गई थी। जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
जनपद के घाट, पोखरी, पीपलकोटी, नंदप्रयाग क्षेत्रों में भी दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहे, जबकि बारिश नहीं हुई। गोपेश्वर में भी सुबह सात बजे से बूंदा-बांदी शुरू हुई, लेकिन तेज ठंडी हवाएं चलने से बारिश थम गई। ठंड बढ़ने से दिनभर बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।