{"_id":"4890ccd84cdfd33e992492a065a723c4","slug":"smart-city-dehradun-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुडको पर टिका दून स्मार्ट सिटी को दारोमदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुडको पर टिका दून स्मार्ट सिटी को दारोमदार
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 04 Dec 2015 01:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दून स्मार्ट सिटी का दारोमदार अब हुडको पर आकर टिक गया है। शुक्रवार को हुडको की बोर्ड बैठक में उत्तराखंड को दिए जाने वाले 2200 करोड़ रुपए के कर्ज पर फैसला होना है।
विज्ञापन
हुडको इसकी सैद्धांतिक सहमति दे चुका है पर अगर बोर्ड इस मामले को लटकाता तो दून स्मार्ट सिटी परियोजना भी प्रभावित हो सकती है। स्मार्ट शहर की परियोजना के लिए एमडीडीए को न्यूनतम 250 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। यह जरूरत दून टी कंपनी से करार के साथ पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
अब इसके बाद दून स्मार्ट शहर की सबसे बड़ी जरूरत फंड की है। हुडको करीब 2200 करोड़ रुपए फंड करने की सैद्धांतिक सहमति दे चुका है। इतना होने के बाद भी हुडको ने अभी निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं कराया है। परियोजना के नोडल अधिकारी आर मिनाक्षी सुंदरम के मुताबिक हुडको की बोर्ड बैठक चार दिसंबर को होगी।
विज्ञापन
इस बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इससे दून स्मार्ट परियोजना के लिए फंड की कमी दूर हो जाएगी। बोर्ड बैठक में अगर यह प्रस्ताव पास नहीं होता है तो प्रदेश के सामने सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी होगी। दून का चयन अगर प्रथम बीस शहरों में होता है तो केंद्र सरकार 100 करोड़ रुपए देगी। लेकिन इससे पहले एमडीडीए को दून टी कंपनी को भी पैसा चुकाना होगा।
यह सौदा करीब 1200 करोड़ में हुआ है। इसके साथ ही चीन विश्वविद्यालय के साथ भी 11 दिसंबर को करार होना है। 15 दिसंबर को परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट को केंद्र को भेजने की डेडलाइन है और इससे पहले ही यह मामला भी प्रदेश को सुलझाना होगा।