अापदा के पांच साल बाद केदारनाथ रूट पर सर्च अभियान में पुलिस टीम को मिले 21 नर कंकाल
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हाईकोर्ट के आदेश पर केदारनाथ आपदा क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में पुलिस टीम ने कुल 21 कंकाल बरामद किए। डीएनए सैंपल लेने के बाद सभी कंकालों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। ये कंकाल रामबाड़ा और त्रिजुगीनारायण क्षेत्र में मिले हैं। पुलिस की ओर से यह रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह का अभियान भविष्य में भी चलाया जाएगा।
बता दें कि पिछले साल 20 दिसंबर को हाईकोर्ट ने केदारनाथ आपदा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के लगभग 10 महीनों बाद गत 11 अक्तूबर को पांच आईपीएस अफसरों (अजय सिंह, प्रहलाद सिंह मीणा, तृप्ति भट्ट, टीसी मंजूनाथ और लोकेश्वर सिंह) के नेतृत्व में अलग-अलग क्षेत्रों को सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इनमें तृप्ति भट्ट के नेतृत्व वाली टीम को रामबाड़ा में कुल 18 मानव कंकाल बरामद हुए।
जबकि, त्रिजुगीनारायण रूट पर लोकेश्वर सिंह की टीम को तीन मानव कंकाल मिले थे। सोमवार को अभियान के बारे में जानकारी देते हुए अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि इनके अलावा तीन टीमों को कोई कंकाल नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सर्च ऑपरेशन की रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजी जाएगी।
महज तीन दिन में अभियान खत्म
हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में अभियान चलाने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके अभियान की याद पुलिस को करीब एक साल बाद याद आई। यही नहीं केवल तीन दिनों में ही अभियान की इतिश्री कर दी गई। जबकि, यदि देखा जाए तो अभियान महज एक ही दिन चल पाया। इसका कारण है कि एक दिन जाने में और एक दिन आने में लगा।
सरकार की मंशा पर सवाल
समय समय पर मिल रहे कंकाल पूर्व की सरकारों के कामकाज पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं। बता दें आपदा के बाद विजय बहुगुणा सरकार ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाने का दावा किया था। इसके बाद हरीश रावत सरकार ने भी अभियान चलवाया था। मौजूदा सरकार के समय भी इस दिशा में विशेष काम नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो आपदा क्षेत्र में अब भी बड़ी संख्या में कंकाल पड़े हुए हैं।