दरोगा मारपीट मामला: बिल्डर समेत छह आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी के बाद सभी को भेजा जेल
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उत्तराखंड के काशीपुर में कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी से हाथापाई कर सरकारी कामकाज में बाधा डालने और आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में वांछित बिल्डर समेत छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी को मेडिकल कराने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
ग्राम जुड़का में अवैध खनन के मामले में चार डंपरों को सीज किए जाने के विरोध में कई लोगों ने 26 मार्च 2019 की सुबह प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के नेतृत्व में कुंडेश्वरी चौकी का घेराव किया था। उन्होंने चौकी प्रभारी अर्जुन गिरि से अभद्रता की। पुलिस ने शिक्षा मंत्री समेत 20 लोगों को नामजद करते हुए सौ से अधिक अन्य के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में पुलिस छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें से जिला जज की अदालत से एक आरोपी मानिक गिल की जमानत हो चुकी है। जांच के दौरान इस मामले में ग्यारह और लोगों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम अदालत से गैर जमानती वारंट प्राप्त किए थे।
उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने एक अप्रैल को एसीजेएम कोर्ट में आरोपियों बिल्डर दीपक बाली, मलकीत सिंह, गुरपेज सिंह, सोनू चौधरी, गुरमीत सिंह, बलविंदर उर्फ बिल्ला, हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदू के खिलाफ कुर्की नोटिस प्राप्त किए थे।
पांच अप्रैल 2019 को पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा किए थे। एसएसआई विनोद जोशी ने आरोपी बिल्डर दीपक बाली, मलकीत सिंह, गुरपेज सिंह, सोनू चौधरी, हरजिंदर सिंह और गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों का मेडिकल करा उन्हें प्रभारी एसीजेएम विनोद कुमार वर्मन की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
सरेंडर कराने को चर्चा में रही दो पुलिस अधिकारियों की भूमिका
कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी के साथ हाथापाई करने के छह आरोपियों द्वारा कुर्की के डर से कोतवाली में सरेंडर किए जाने की बात चर्चा में है। चर्चा है कि इस मामले में नामजद एक आरोपी के करीबी दो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पुलिस के समक्ष सरेंडर कराने में अहम भूमिका निभाई। अस्पताल में मेडिकल कराने से लेकर उनके जेल जाने तक दोनों पुलिस अधिकारी आरोपियों के साथ रहे।
शिक्षा मंत्री की भूमिका को लेकर चुप्पी पुलिस ने साधी चुप्पी
हाथापाई के मामले में प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी नामजद हैं। पुलिस इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए दिन रात एक किए हुए है, लेकिन शिक्षा मंत्री की भूमिका को लेकर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। अभी तक न तो शिक्षा मंत्री को क्लीन चिट दी गई और न ही गिरफ्तारी के प्रयास किए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर विवेचना अधिकारी एसएसआई विनोद जोशी ने बताया कि शिक्षा मंत्री के संबंध में विवेचना अभी लंबित है।