{"_id":"6506634f8bd3793d93ea2d087d1e6037","slug":"single-window-online-portal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंगल विंडो ऑनलाइन पोर्टल तैयार, विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंगल विंडो ऑनलाइन पोर्टल तैयार, विरोध
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अब शासन एक कदम आगे बढ़ कर दो कदम पीछे हट गया है। एकल खिड़की व्यवस्था में निवेशकों और उद्यमियों के आवेदनों का अब दो स्तर पर निस्तारण होगा।
विज्ञापन
पहले स्तर पर जिला उद्योग केंद्रों से 15 दिन में आवेदन को मंजूरी दी जाएगी और इसके बाद अगले 15 दिन में अलग-अलग विभाग इसमें मंजूरी देंगे।
राहत की बात यह है कि सिंगल विंडो का ऑनलाइन पोर्टल तैयार हो गया है और इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। उद्योग निदेशालय का कहना है कि दो-तीन दिन में यह पोर्टल काम करना शुरू कर देगा। एकल खिड़की व्यवस्था में अभी तक शासन एक ही स्थान से आवेदन पत्रों के निस्तारण की कोशिश कर रहा था।
विज्ञापन
एकल खिड़की नियमावली के तहत 15 दिन में आवेदन पत्र निस्तारित करने नियम बनाया गया है। अब शासन स्तर पर इसमें बदलाव किया गया है। यह तय किया गया है कि आवेदन पत्र पर 15 दिन के अंदर-अंदर उद्योग लगाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी जाएगी। इसके बाद अगले 15 दिनों में विभागों के स्तर से आवेदन पत्र की जांच और निस्तारण का काम होगा। उद्यमियों ने इसका विरोध जताया है।
विज्ञापन
उद्यमियों के मुताबिक इससे एकल खिड़की व्यवस्था की मूल भावना ही खत्म हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक यह परेशानी तब तक की है, जब तक सारे विभाग ऑनलाइन पोर्टल से नहीं जुड़ जाते। पोर्टल बनाने का काम अमेरिकन कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग को दिया गया था। पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद उद्यमियों को आवेदन इसी पोर्टल के जरिए करना होगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में महत्वपूर्ण है सिंगल विंडो
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सिंगल विंडों की भूमिका खासी महत्वपूर्ण है। 2015 में हुई रैंकिंग में उत्तराखंड का नंबर 23वां था, जबकि हिमाचल की रैंकिंग 13वीं थीं।अब मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश की रैंकिंग को पांचवें स्थान पर लेकर आने का दावा कर रहे हैं। इसका दारोमदार पूरी तरह से सिंगल विंडों पर ही निर्भर करेगा।
प्रदेश ने क्या किया
- सिंगल विंडों का ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार करने का जिम्मा अमेरिकन कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग को दिया गया था। अपर निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल के मुताबिक ऑनलाइन पोर्टल बनकर तैयार हो गया है। इसे बीएसएनएल के सर्वर पर होस्ट किया जा रहा है।
-सिंगल विंडो अधिनियम प्रदेश में बनाया जा चुका है और इसकी नियमावली भी जारी की जा चुकी है।
-प्रदेश में दस करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश के प्रस्तावों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी फैसला करेगी। कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद विभाग प्रस्ताव को खारिज नहीं करेंगे। दस करोड़ रुपये से कम के प्रस्तावों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी फैसला करेगी।
कई राज्यों ने एक ही स्तर पर की है व्यवस्था
गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने एकल खिड़की व्यवस्था के तहत एक ही स्थान पर निवेश के प्रस्ताव पर मुहर लगाने की व्यवस्था की है। इसमें ऑनलाइन निरीक्षण की व्यवस्था भी है।
मुख्यमंत्री तक भी पहुंची बात
सिंगल विंडों से लेकर अन्य मामलों में अब मामला मुख्यमंत्री तक भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मामले में अगले दो दिन में उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने का इरादा भी जताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सालों से चली आ रही व्यवस्था को बदलने में परेशानी सामने आ रही है। इस समस्या का भी समाधान किया जाएगा।
दो स्तर पर आवेदनों के परीक्षण से सिंगल विंडो की मूल भावना ही खत्म हो जाएगी। पहले 15 दिन में सिंगल विंडों से आवेदन निस्तारित होगा और अगले 15 दिन में विभागों के स्तर से परीक्षण किया जाएगा। होना यह चाहिए कि एक ही स्थान पर आवेदन पत्र निस्तारित किया जाना चाहिए।
पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड