{"_id":"b5236b0b0a4d0b343a0d8fd876c70e61","slug":"siberian-blue-and-ruby-throat-seeing-in-asan-barrage-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसन में दिखे साइबेरियन ब्लू और रूबी थ्रोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसन में दिखे साइबेरियन ब्लू और रूबी थ्रोट
मनीष त्रिपाठी / अमर उजाला, विकासनगर
Updated Sun, 10 Jan 2016 03:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पक्षी प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर...। जिन साइबेरियन ब्लू और रूबी थ्रोट ने देश के पहले वेटलैंड कंजरवेशन रिजर्व (आसन बैराज झील) से दूरियां बना लीं थी। वह पक्षी करीब तीन साल बाद आसन के घरौंदे में चहचहाते हुए नजर आए हैं। इससे पक्षी प्रेमी खासा उत्साहित हैं।
विज्ञापन
13-16 सेमी छोटी यह चिड़िया यूरोप, अलास्का और एशिया के देशों में भोज वृक्ष और दलदली झाड़ियों में ब्रीडिंग करती है। लेकिन, सर्दियां शुरू होते ही यह प्रवास के लिए अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप के देशों का रुख करते हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि तीन साल पूर्व तक पक्षी नियमित रूप से आसन झील के ऊपर उड़ान भरते नजर आ आ जाते थे। लेकिन पिछले तीन साल से इन पक्षियों ने झील से दूरियां बना ली थी। जिसका कारण अनुकूल वातावरण न मिल पाना बताया जा रहा था। तीन साल बाद यह दोनों पक्षी आसन झील के ऊपर उड़ान भरते हुए नजर आए हैं जो एक सुखद अहसास है।
विज्ञापन
रेड लिस्ट में दर्ज हैं दोनों पक्षी
साइबेरियन ब्लू और रुबी थ्रोट पहले बड़ी संख्या में पाए जाते थे। लेकिन, अब अनूकूल वातावरण न मिल पाने के कारण इनकी संख्या में तेजी से कमी आई है। यही कारण है कि इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेच्यूर(यूसीएन) ने इसे साल रेड लिस्ट ऑफ थ्रेटेंड स्पीसज यानी संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में रखा है।
करीब तीन साल बाद ये पक्षी झील के आसपास चहचहाते हुए देखे गए हैं। इस साल अन्य पक्षियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में हो सकता है कि आसन झील में इस साल इन पक्षियों को अनुकूल वातावरण मिला हो। इन दोनों पक्षियों को साइबेरिया का नीलकंठ भी कहा जाता है।
- अजय शर्मा, पक्षी विशेषज्ञ