अगले 5 साल के अंदर देश के हर गांव में होंगे आयुष चिकित्सालय: श्रीपद नाइक
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अगले पांच वर्षों में देश का हर गांव आयुष चिकित्सालय से लैस हो जाएगा। इसके लिए मंत्रालय युद्ध स्तर पर कार्यरत है। इसके अलावा लोगों में आयुष के प्रति फिर से भरोसा जगाने के लिए जागरूकता अभियान भी छेड़ा जाएगा।
यह बात केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक ने रविवार को गंगा रिजार्ट में मीडिया से कही। केंद्रीय मंत्री यहां एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आयुष चिकित्सा पद्धति वह विधा है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसी वजह से आयुष मिशन के तहत हर प्राइमरी अस्पतालों में जड़ी बूटी के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए केंद्र ने राज्य सरकारों के सहयोग से सभी बड़े शहरों में आयुष केंद्र खोलने की योजना बनाई है।
इन्हीं के माध्यम से गांवों में आयुष चिकित्सालयों का निर्माण होगा। उत्तराखंड में जड़ी बूटियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। नेशनल प्लांटेशन बोर्ड के जरिए इसके संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में एक बड़ा जड़ी बूटी केंद्र यहां खोला जाना है।
जड़ी बूटी की जांच के लिए स्थापित होगी प्रयोगशाला
दुर्लभ अश्वगंधा, कुट्टकी जैसी वनस्पतियों के संरक्षण के लिए राज्य के सहयोग से केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। इनके उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बता दें, जोशीमठ के पास कुट्टकी नामक पौधा पाया जाता है जो शुगर की बीमारी में बेहद कारगर है। श्रीपद ने बताया कि देश के 25 जिलों में आयुष वेलनेस सेंटर संचालित हो चुके हैं। इसके लिए मंत्रालय के पास 150 जिलों से आवेदन आए थे। कोशिश होगी कि देश के सभी 600 जिलों में इस तरह के वेलनेस सेंटर चालू हो सकें।
गोवा और महाराष्ट्र में आयुष चिकित्सा और योगा के लिए बड़े सेंटर खोले जा चुके हैं। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में एक प्रयोगशाला खोलने की योजना है। इसका बजट करीब 500 करोड़ से 1000 करोड़ के बीच हो सकता है। इस संदर्भ में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में इसका एलान किया। श्रीपद ने बताया कि इस प्रयोगशाला के लिए प्रदेश सरकार जमीन देगी। मुख्यमंत्री से बात हुई है। भूमि चिह्नित होने के बाद इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।