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Dehradun News: पीठाधीश्वर चंद्र स्वामी महाराज उदासीन ब्रह्मलीन

Mon, 11 Mar 2024 01:34 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 01:34 AM IST
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Shri Chandra Swami Maharaj Udasin, the head of Sadhna
डुमेट स्थित साधना केंद्र आश्रम के पीठाधीश्वर श्री चंद्र स्वामी महाराज उदासीन बीते शनिवार की रात ब्रह्मलीन हो गए। वे 94 वर्ष के थे। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी अंत्येष्टि रविवार को दोपहर 2:30 बजे डुमेट स्थित आश्रम के पास यमुना नदी के तट पर की गई। उनके शिष्य तथा आश्रम के प्रभारी स्वामी प्रेम विवेकानंद ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में उनके शिष्य स्वामी रामदेव तथा आचार्य बालकृष्ण भी पहुंचे।
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स्वामी जी के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही डुमेट के आसपास तथा हरिद्वार, हरियाणा, जम्मू, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में रह रहे उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के लिए विशेष तौर पर आचार्य गुरुकुलम तथा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के आचार्य पहुंचे। जिन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान मंत्रोच्चारण किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्योगपति तथा स्वामी जी के शिष्य स्वीटी बजाज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक शैलेंद्र कुमार, करण कुमार, सूर्यपाल सिंह तोमर, विजयपाल सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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I34 वर्ष तक मौन व्रत धारण किए रहे चंद्र स्वामी महाराजI



ब्रह्मलीन हुए पीठाधीश्वर श्री चंद्र स्वामी महाराज उदासीन ने डीएवी डिग्री कॉलेज देहरादून से एमएससी की पढ़ाई की थी। उन्होंने हरिद्वार में रहकर तप किया। फिर साधना के लिए जम्मू चले गए। जहां उन्होंने आश्रम की स्थापना की। करीब 34 वर्ष तक मौन व्रत धारण किए रहे। वर्ष 1989 में देहरादून जिले के विकासनगर तहसील के ग्राम डुमेट में आकर यमुना नदी के तट पर उन्होंने साधना केंद्र आश्रम की स्थापना की। यहां चैरिटेबल हॉस्पिटल भी बनाया। आश्रम परिसर के निकट बाबा भूमन शाह विद्या मंदिर नामक विद्यालय की भी स्थापना की। चंद्र स्वामी महाराज को डुमेट तथा आसपास के क्षेत्र के लोग अपने अभिभावक के रूप में देखते थे। सुख-दुख में उनके पास जाकर उनसे मार्गदर्शन लेते थे। उनके शिष्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भी हैं। वे अक्सर आकर आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया करते थे।
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