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पानी के लिए जेई और ईई को बनाया ‘बंधक’
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 23 May 2014 02:12 PM IST
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देहरादून में लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों का गुस्सा चकराता रोड जल संस्थान के अफसरों पर फूट पड़ा।
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पानी मिलने के बाद ही जेई को छोड़ा
दो अवर अभियंताओं (जेई) को ट्यूबवेल के कमरे में बंद कर दिया गया। अधिशासी अभियंता (ईई) को भी 15 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। बाद में पानी मिलने के बाद ही जेई को छोड़ा गया।
विजय पार्क, हरि विहार, हरिकुंज, सत्य विहार, मानस विहार, हेमकुंज, सुंदर विहार, विवेक विहार आदि क्षेत्रों में तीन माह से किल्लत चल रही है। क्षेत्र के लोग हर दिन टैंकर मंगा रहे हैं।
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आरोप है कि शिकायत के बावजूद विभाग आपूर्ति ठीक नहीं कर रहा। नाराज लोग बृहस्पतिवार को स्थानीय पार्षद अमिता सिंह के नेतृत्व में जुटे और चकराता रोड स्थित जल संस्थान कार्यालय पहुंच गए।
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कमरे में बंद कर दिया
यहां जमकर हंगामा हुआ, लोगों ने मेज-कुर्सी पलट दिए। यहां तैनात जेई संजय भटनागर और अजय रावत को लोगों ने विजय पार्क स्थित ट्यूबवेल पर चलने के लिए कहा। दोनों के वहां पहुंचते ही उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया।
सूचना पर अधिशासी अभियंता आरएलएस बिष्ट भी विजय पार्क पहुंचे तो लोगों ने उन्हें भी कमरे में बंद कर दिया। ईई के बातचीत करने के लिए कहने पर 15 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
लोगों ने तुरंत पानी देने की मांग की, जिस पर अफसरों ने मौके पर ही ओवरहेड टैंक से कनेक्शन हटा सीधे ट्यूबवेल से सप्लाई चालू कर दी। इसके बाद करीब दो घंटे बाद दोनों जेई को भी कमरे से निकाल लिया गया।
प्रदर्शन करने वालों में एमआर ग्रोवर, एचसी चावला, अरुण वैश्य, विनोद, केसी भाटिया, सुभाष मिश्रा आदि शामिल रहे।
पहले मिलता था भरपूर पानी
पार्षद अमिता सिंह ने बताया कि पहले क्षेत्र में ट्यूबवेल से सीधे सप्लाई होती थी। कुछ समय पूर्व यहां लाखों की लागत से ओवरहेड टैंक बनाकर ट्यूबवेल से जोड़ दिया गया।
तब विभाग ने तर्क दिया था कि इसके बाद दो मंजिला भवनों में भी पानी की किल्लत नहीं होगी, लेकिन टैंक बनने के बाद से ग्राउंड फ्लोर पर भी पानी आना बंद हो गया। स्थिति यह है कि ट्यूबवेल के सामने वाले घरों में भी नल सूख गए हैं।