उत्तराखंड: खोखे तोड़ने पर भड़के व्यापारी, खुद पर पेट्रोल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास
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नमामि गंगे के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए वर्षों से स्थापित खोखे तोड़े जाने के विरोध में पीड़ित व्यापारियों ने शासन, प्रशासन और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान चार पीड़ित व्यापारी हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एक खोखे की छत पर चढ़ गए। कोतवाल केएस बिष्ट ने उन्हें रोका तो दो व्यापारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया। इसके बाद सीओ के पीछे हटना पड़ा।
बुधवार दोपहर 12.30 बजे मुख्य बाजार के पास बदरीनाथ हाईवे के किनारे वर्षों से स्थापित 12 खोखे (कच्ची दुकानें) हटाने के लिए तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस बल के बीच जेसीबी मशीन भी बुलाई गई। इस दौरान संबंधित व्यापारियों के सहयोग से छह खोखे शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन द्वारा हटा दिए गए, लेकिन जैसे ही सातवें खोखे को तोड़ने के लिए मशीन आगे बढ़ी, पीड़ित व्यापारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कहना है कि उन्हें विश्वास में लिए बगैर यह कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित व्यापारी अन्यत्र स्थान पर दुकान मुहैया नहीं कराए जाने तक अपने खोखे नहीं छोड़े जाने की बात पर डटे रहे। दोपहर 1.30 बजे चार पीड़ित व्यापारी हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर छत में चढ़ गए और शासन प्रशासन व विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। व्यापारियों ने कहा कि अगर एक भी खोखा तोड़ा गया तो वे अपने पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा देंगे।
उन्होंने कहा कि वह वर्षों से खोखे पर अपना रोजगार कर रहे हैं, लेकिन अब, उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। इस दौरान कोतवाल केएस बिष्ट द्वारा व्यापारियों को छत से उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन तभी दो व्यापारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया। इस पर कोतवाल पीछे हट गए। सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला व तहसीलदार के समझाने पर व्यापारी शांत हुए, लेकिन छत से नीचे नहीं उतरे।
इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संतोष रावत के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित व्यापारियों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रावत का कहना था कि केंद्र व राज्य सरकार व्यापारियों व कामगारों को बेरोजगार करने पर तुली है। उन्होंने पीड़ितों को दुकान मुहैया नहीं कराए जाने पर चक्काजाम कर आंदोलन की चेतावनी दी। रात आठ बजे तक भी व्यापारी पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर खोखे पर ही चढ़े रहे। इसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मुलाकात करने गया।