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ये थी नन्हीं श्रुति की किस्मत, उसे तो पेरिस जाना था...

Sat, 23 Jul 2016 02:52 PM IST
नलिनी गुसाईं/अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 23 Jul 2016 02:52 PM IST
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shishu niketan child shruti will be adopted by french family.
पहले श्रुति को कोलकाता के दंपति ने गोद लिया था।

शिशु निकेतन में रहने वाली श्रुति की किस्मत कोलकाता नहीं, बल्कि फ्रांस की राजधानी पेरिस थी। तभी तो चार महीने पहले कोलकाता के दंपति ने इस बच्ची को गोद लेकर वापस शिशु निकेतन को लौटा दिया। वहीं, अब पहली बार शिशु निकेतन के बच्चों को विदेशी दंपति गोद ले रहे हैं। इनमें श्रुति के अलावा यहां रहने वाले अर्जुन और श्रेया भी शामिल हैं।

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चार महीने पहले जब नन्ही श्रुति को कलकत्ता के दंपति ने गोद लिया था तो शिशु निकेतन का स्टाफ बेहद खुश हुआ हुआ कि श्रुति को नया परिवार मिल गया। लेकिन दो महीने के अंदर ही इस दंपति ने श्रुति को लौटा दिया। प्रबंधन ने उन्हें काफी समझाया गया, लेकिन उन्होंने कुछ परेशानी बताकर श्रुति को वापस शिशु निकेतन छोड़ दिया। तब किसी को नहीं पता था कि दो वर्षीय श्रुति की किस्मत में कलकत्ता नहीं बल्कि पेरिस में रहना लिखा है।
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जैसे ही शिशु निकेतन प्रबंधन की ओर से दोबारा श्रुति की फोटो कारा (सेंट्रल एडॉप्शन रिर्सोस अथॉरिटी) की साइट पर डाली गई तो तुरंत पेरिस से उसे गोद लेने वालों का आवेदन आ गया। इसके लिए लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही श्रुति यहां से पेरिस के लिए रवाना हो जाएगी। श्रुति के अलावा भी शिशु निकेतन से छह वर्षीय अर्जुन को इटली और छह वर्षीय श्रेया को स्पेन के दंपति गोद ले रहे हैं।

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विदेशी दंपति नहीं रखते उम्र की बाध्यता

shishu niketan child shruti will be adopted by french family.
बच्ची - फोटो : amar ujala

शिशु निकेतन से विदेशी भले ही छह वर्ष तक के बच्चों को गोद ले रहे हों, लेकिन भारतीय एक साल से कम उम्र के बच्चों को ही गोद लेना ही पसंद करते हैं, जबकि विदेशी ऐसी बाध्यता नहीं रखते। उन्हें जिस उम्र का बच्चा मिलता है, वह गोद ले लेते हैं। यही वजह है कि एक वर्ष से अधिक उम्र के बाद अधिकतर बच्चे शिशु निकेतन में ही रह जाते हैं। जबकि, जीरो से दस साल तक के बच्चे को गोद देने के लिए उनकी फोटो और जानकारी कारा की साइट पर डाली जाती है।

पहली बार जाएंगे विदेश
यह पहला मौका है जब शिशु निकेतन के बच्चे विदेश जाएंगे। इन तीनों बच्चों को गोद लेने संबंधी अधिकतर फार्मेलिटी पूरी कर ली गई है। सबसे पहले श्रुति को भेजने की तैयारी है। इसके बाद अर्जुन और श्रेया को भेजा जाएगा।
-मीना बिष्ट, प्रोबेशन अधिकारी

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