उत्तराखंड कांग्रेस में बगावत चरम पर, पूर्व मंत्री समेत तीन नेताओं ने पार्टी छोड़ी
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टिकट आवंटन के बाद उठी बगावत को थामने के लिए कांग्रेस की डैमेज कंट्रोल की कवायद को झटका देते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण और पार्टी के दो प्रदेश महामंत्री आर्येन्द्र शर्मा और शिल्पी अरोड़ा ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। तीनों नेता चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस को राजनीति के पूरे पांच दशक देने वाले सजवाण ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर देवप्रयाग से पर्चा दाखिल कर दिया है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1962 में इंदिरा गांधी की वानर सेना के अध्यक्ष के रूप में की थी। बुधवार को सजवाण ने देवप्रयाग में एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की।
शिल्पी का एलान, सीएम के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी चुनाव
उधर, गदरपुर से दावेदारी कर रही प्रदेश महामंत्री शिल्पी अरोड़ा ने टिकट न मिलने के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ किच्छा से चुनाव लड़ने का एलान किया। देहरादून स्थित प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पर धोखा देने का आरोप लगाया।
सहसपुर सीट पर आर्येन्द्र समर्थकों ने उनके नाम से नामांकन दाखिल कर दिया। हालांकि आर्येन्द्र ने 27 जनवरी को नामांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता व पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। उधर, प्रदेश संगठन ने दोनों पदाधिकारियों का त्यागपत्र मिलने से इंकार किया है।
'शिल्पी हमारी छोटी बहन, जल्द शांत हो जाएंगी'
शिल्पी हमारी छोटी बहन हैं, उनकी नाराजगी स्वाभाविक है। ये उनका तात्कालिक गुस्सा है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही वह शांत हो जाएंगी
-सुरेन्द्र कुमार, मुख्य प्रवक्ता, सीएम।
पार्टी को अभी किसी भी पदाधिकारी का इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। सभी पार्टी के निष्ठावान व समर्पित कार्यकर्ता हैं। पार्टी उन्हें मनाने के प्रयास जारी रखेगी। पूरी आशा है कि सबकी नाराजगी दूर हो जाएगी।
-मथुरा दत्त जोशी, मुख्य प्रवक्ता, पीसीसी