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पहाड़ की बेटी बनी इसरो में साइंटिस्ट, पहली बार में मिली सफलता
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 09 Jun 2017 05:16 PM IST
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sheetal bisht
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पहाड़ की बेटी ने देश में नाम रोशन किया है। देहरादून में क्लेमेंटटाउन की रहने वाली शीतल बिष्ट इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) में साइंटिस्ट बन गई है।
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मूलरूप से पौड़ी जिले के गगवाड्स्यूं पट्टी के गांव बणगांव मल्ला का रहने वाली शीतल के पिता संतोष कुमार बिष्ट सेना से रिटायर्ड हैं जबकि मां अंजना बिष्ट गृहिणी हैं। देहरादून में शीतल का परिवार क्लेमेंटटाउन में रहता है।
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शीतल ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय (Graphic Era University) से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। इस बीच इसरो की आईसीआरबी परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। उन्होंने हाल ही में इसरो में ज्वाइन किया है।
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उन्होंने जीसेट-9 की ऐतिहासिक लांचिंग इसरो के कंट्रोल रूम में बैठकर लाइव देखी। शीतल का कहना है कि उन्होंने कभी भी इसरो के बारे में नहीं सोचा था। उन्हें बस एक अच्छी नौकरी की तलाश थी। इससे पहले उत्तराखंड के शैलेंद्र और प्रतिभा नेगी भी इसरो में साइंटिस्ट बन चुके हैं।