फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   shatabdi engine failed at dehradun railway station

स्टेशन पर फेल हुआ शताब्दी का इंजन, करीब एक घंटे बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को किया रवाना

Mon, 02 Sep 2019 01:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 02 Sep 2019 01:05 PM IST
विज्ञापन
shatabdi engine failed at dehradun railway station
- फोटो : फाइल फोटो

नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस का इंजन रविवार शाम रेलवे स्टेशन पर ही फेल हो गया। करीब एक घंटे के बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार शाम 4 बजकर 55 मिनट पर नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस दून से रवाना होने के लिए प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी थी। लोको पायलट ने काफी प्रयास किया, लेकिन इंजन स्टार्ट ही नहीं हुआ। जांच के बाद पता चला कि इंजन में तकनीकी गड़बड़ी है। इंजन फेल होने की सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

विज्ञापन


हालांकि, काफी मशक्कत के बावजूद मेकेनिकल कर्मचारी भी इंजन में फॉल्ट नहीं ढूंढ पाए। इसके बाद इंजन को ट्रेन से अलग कर हटाने की कोशिश शुरू हुई। डीजल इंजन की मदद से शंटिंग के जरिये इंजन को खींचकर यार्ड ले जाया गया। उसके बाद दूसरे इलेक्ट्रिक इंजन को शताब्दी से जोड़ा गया। इस दौरान यात्री परेशान दिखे। असिस्टेंट स्टेशन सुप्रीटेंडेंट सीताराम सोनकर ने बताया कि दून से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी। इंजन के ठीक नहीं होने पर दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को करीब एक घंटे बाद रवाना किया गया। 
विज्ञापन


काठगोदाम का समय बदला
रविवार को देहरादून से काठगोदाम जाने वाली काठगोदाम एक्सप्रेस को रवाना करने का समय बदला गया। रात 11:55 पर जाने वाली इस ट्रेन के रवाना होने का समय रात एक बजकर 55 मिनट निर्धारित किया गया है। लक्सर-एथल ट्रैक पर डबल लाइन का काम चलने के कारण रेलवे ने यह निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रास्ते में रुकता इंजन तो होती मुसीबत
शताब्दी एक्सप्रेस का इंजन अगर रास्ते में खराब होता रेलवे के साथ ही रेलकर्मियों की दिक्कत भी बढ़ सकती थी। दरअसल, देहरादून से हरिद्वार तक का रेल ट्रैक अधिकतर जंगल वाले रूट से निकलता है। ऐसे में अगर बीच में ट्रेन का इंजन फेल होता तो मुसीबत हो जाती है। दून से हरिद्वार तक सिंगल रेलवे ट्रैक होने के कारण भी दिक्कत रहती है। ऐसे में आने-जाने वाली दूसरी ट्रेनों के संचालन में भी दिक्कत आ सकती थी। रास्ते में इंजन खराब होने पर दून या हरिद्वार से दूसरा इंजन भेजना पड़ता। इस प्रक्रिया में बहुत अधिक का समय लग सकता था। पहले खराब इंजन को खींचने के लिए एक इंजन ले जाना पड़ता। फिर खराब इंजन को ट्रैक पर जगह तलाश कर किनारे किया जाता। फिर नया इलेक्ट्रिक इंजन ले जाकर ट्रेन को रवाना किया जाता। सिंगल ट्रैक होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लग सकता था। बीच जंगल में घंटों यात्रियों को परेशान होना पड़ता। इससे दूसरी ट्रेनों के यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती थी।


असमंजस में रहे यात्री
ट्रेन निर्धारित समय पर स्टेशन से रवाना नहीं हुई तो यात्रियों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ट्रेन चल क्यों नहीं रही है। बाद में पता चला कि ट्रेन का इंजन फेल हो गया है। यात्री इस बारे में रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ भी करते रहे। कुछ यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी जताई। एक घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई तो यात्रियों ने राहत की सांस ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed