बाबरी मस्जिद बनाने में सहयोग करेंगे शंकराचार्य, पर रखी शर्त!
द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बाबरी मस्जिद बनाने में सहयोग करने की बात कही। मुस्लिमों के सामने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय के लोग राम जन्मभूमि के अलावा अन्य स्थान पर बाबरी मस्जिद बनाना चाहते हैं तो वह निर्माण में सहयोग करेंगे। इसके अलावा उन्होंने विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की पैरवी की।
बुधवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि राम जन्मभूमि पर मंदिर और मस्जिद का विवाद आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।
उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों को सलाह दी कि वे बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि से दूर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि पहले राम मंदिर को तोड़कर वहां पर बाबरी मस्जिद बनाई और बाद में मस्जिद को तोड़ा गया।
'अपनी ही जाति की बुराई करने वाला सबसे बुरा'
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के भूखे रहने वाले हिंदुओं के लिए अनाज मांगने और वितरण करने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि देश में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, आस्तिक, नास्तिक कोई भी भूखा नहीं रहना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के पंडित विरोधी दिए गए बयान पर कहा कि जो व्यक्ति स्वयं पंडित हो और अपनी ही जाति की बुराई करे उससे बुरा कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पंडितों को सर्वोपरि मानते हुए पूजा अर्चना कराना लोग शुभ मानते हैं और इस तरह से इन्हें बदनाम किया गया तो कौन विश्वास करेगा।