अब शंकराचार्य ने कहा, बदरी-केदार पर चीन की नजर
साईंबाबा को भगवान न मानने का बयान देने के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अब कहा कि उत्तराखंड को चीन से खतरा है।
जिस तरह नजरें गड़ा कर चीन ने तिब्बत को हड़प लिया उसी तरह वह बदरी-केदार की भूमि को हड़पना चाहता है। उत्तराखंड से यदि पलायन न रुका तो बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाएगा।
भारत सरकार को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। कनखल मठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड पर उड़ने वाले चीनी हेलीकॉप्टर को हल्के ढंग से नहीं लेना चाहिए।
चीन हड़पना चाहता है बदरी-केदार
चीन लंबे समय से बदरी-केदार हड़पना चाहता है। चीन ने जब तिब्बत को कब्जाया था, तब भी उसकी नजर उत्तराखंड के इस भू-भाग पर थी।
उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि राज्य बनने के बावजूद उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय अंचलों से लोगों का पलायन जारी है। कुछ काम आपदा ने कर दिया है। उत्तराखंड की धरती इसी तरह लोगों से खाली होती गई तो चीन कब्जा कर सकता है।
शंकराचार्य ने कहा कि पहाड़ के लोगों को तमाम सुविधाएं दी जानी चाहिए। जब लोग पहाड़ छोड़ देंगे तो निश्चत रूप से चीन की आकांक्षा बढ़ जाएगी। भारत सरकार का दायित्व है कि वह अभी से उत्तराखंड की सुरक्षा का व्यापक प्रबंध करें। राज्य सरकार को आपदाएं और पलायन रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।