फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Shankaracharya outcast from the Akhara Parishad of the country

देश के 84 शंकराचार्य अखाड़ा परिषद से बहिष्कृत, जानिए क्यों 

Wed, 31 May 2017 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 31 May 2017 09:01 PM IST
विज्ञापन
Shankaracharya outcast from the Akhara Parishad of the country

देशभर के 84 शंकराचार्यों को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने बह‌िष्कृत कर द‌िया है। ऐसे में अब उन्हें क‌िसी भी अखाड़े में रहने के ल‌िए जगह नहीं म‌िलेगी। जान‌‌िए अखाड़ा परिषद ने ऐसा फैसला क्यों ल‌िया। 

विज्ञापन


हर‌‌िद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि देश में 84 फर्जी शंकराचार्य हैं। अखाड़ा परिषद और संत समाज इनमें से किसी के साथ भी संबंध न रखे।
विज्ञापन


केवल चार पीठें अधिकृत हैं और उन पर तीन शंकराचार्य विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि एक साल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अपने कार्यकर्ताओं से गाय कटवाने वाली कांग्रेस कुछ ही समय में इतिहास बन जाएगी।       
विज्ञापन
विज्ञापन


नरेंद्र गिरी बुधवार को यहां जयराम आश्रम में षड़दर्शन साधु समाज, दंडी स्वामियों और अखाड़ा परिषद के संतों के संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।

उन्होंने इस बात पर आक्रोश जताया कि जब फर्जी शंकराचार्य अथवा जगद्गुरु बनते हैं, तब आश्रमों के संत अखाड़ा परिषद के निर्णयों का सम्मान नहीं करते। अच्युतानंद के कार्यक्रम में जाने के विरुद्ध अखाड़ा परिषद ने सीधा निर्देश दिया था।

इसके बावजूद कुछ संत वहां गए। उन्होंने कहा कि इस समय स्वरूपानंद सरस्वती, निश्छलानंद एवं भारती तीर्थ ही चार पीठों के शंकराचार्य हैं। अन्य सभी संत तो हैं, किंतु जगद्गुरु अथवा शंकराचार्य नहीं। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि योगी आदित्यनाथ आज ही अयोध्या पहुंच गए हैं और एक ही वर्ष में राम लला के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

संतों की चुप्पी है खतरनाक

Shankaracharya outcast from the Akhara Parishad of the country

मंदिर के कार्य को रोकने की ताकत किसी में नहीं है। राम मंदिर के लिए यदि प्राणों का उत्सर्ग भी करना पड़ा तो संत समाज पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा केरल में सार्वजनिक रूप से गाय काटने की भर्त्सना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस गौहत्या बंदी का समर्थन करे अथवा तबाह हो जाए। इसी तरह कांग्रेस गऊ कटवाती रही तो आने वाले दिनों में पार्टी इतिहास में बदल जाएगी।       

श्री महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि राष्ट्र विरोधी कार्यों पर संतों की चुप्पी खतरनाक है। जब भी अखाड़ा परिषद कोई बयान जारी करे तब तमाम संत समाज को अगले ही दिन उसके समर्थन में जगह जगह आवाज उठानी चाहिए।

संतों की चुप्पी खुद संतों के लिए बहुत घातक हो रही है। संत चुप रहे तो बेशक प्रदूषण से गंगा बच जाए किंतु संत समाज नहीं बच पाएगा। उन्होंने कहा कि अनेक अखाड़ों से जुड़े महामंडलेश्वर विवादास्पद कार्यों में लिप्त हैं।

​कुछ फर्जी संत भी बने बैठे हैं। इन सभी के खिलाफ पहली आवाज अखाड़ों को ही उठानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गंगा की दुर्दशा शीघ्र समाप्त होगी। इस कार्य के लिए गंगा तटीय क्षेत्रों में सभी तीर्थों पर लगातार सम्मेलन होने चाहिए।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed