आरक्षण विरोधी बयान पर शंकराचार्य कायम, साई मंदिरों में काला धन
- बोले की आरक्षण समाप्त हो जाएगा तो प्रतिस्पर्धा से आएंगे सभी अधिकारी
- साई मंदिरों पर निशाना, कहा साई ट्रस्ट में चढ़ता है काला धन
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती आरक्षण संबंधी दिए गए अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था ने प्रतिस्पर्धा समाप्त कर दी है। यदि आरक्षण नहीं होगा तो देश में सभी अच्छे इंजीनियर, डाक्टर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर होंगे। इससे देश को लोगों को आपरेशन, नक्शे, मिसाइल, शस्त्र, अन्य निर्माण के किसी कार्य के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने महात्मा बुद्ध को छल अवतार बताया। साथ ही मायावती पर भी निशाना साधा।
सोमवार को कनखल स्थित मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि दलित समाज रोटी बेटी का रिश्ता चाहता है, लेकिन बौद्घ धर्म अपनाने से कोई भी उनके साथ यह रिश्ता नहीं बना सकता। उन्होंने बौद्घ धर्म में गैर बराबरी की बात कही। कहा कि कोई भी शूद्र समाज का व्यक्ति क्षत्रियों की बराबरी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने पूरी तरह से बौद्घ धर्म नहीं अपनाया था। उन्होंने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले मायावती नारा देती थी कि तिलक तराजू तलवार। इस पर मायावती चुनाव में हार गई तो फिर नारा दिया कि हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश हैं।
कहा, साईं के मंदिरों पर चढ़ता है कालाधन
शंकराचार्य ने साईं पर निशाना साधते हुए कहा कि साईं के भक्त शिरडी में आए सूखाग्रस्त लोगों की मदद क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि साईं के मंदिरों में कालेधन का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। बेईमान, भ्रष्टचारी और अवैध कारोबार करने वाले साईं के मंदिर में जाते हैं। उन्होंने कहा कि शिरडी से साईं की मूर्तियां तो बेची जाती है, लेकिन उसके बदले में वहां पर कोई मदद नहीं करते।
पीएम नरेंद्र मोदी के विरोधी नहीं
शंकराचार्य ने कहा कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के विरोधी नहीं है। जब वह अच्छे कार्य करते है तो वह तारीफ करते हैं। अब पाकिस्तान से आए हिंदुओं को अधिकार एवं सुविधाएं दी हैं तो यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि पीएम गोहत्या बंद करा दें और स्कूलों में रामायण, महाभारत, गीता, वेद पढ़ाना शुरू करवा दे तो वह नरेंद्र मोदी को हिंदू रक्षक, भक्त मानने लगेंगे।