बैंक के चेयरमैन समेत चार लोगों पर युवती ने लगाया शारीरिक शोषण का आरोप, गई थी नौकरी मांगने
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उत्तराखंड के काशीपुर में ग्राम भीमनगर निवासी महिला ने डीआईजी को भेजे पत्र में एक बैंक के चेयरमैन समेत चार लोगों पर ब्लैकमेल कर उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि इस संबंध में एसएसपी ऊधमसिंह नगर और काशीपुर पुलिस को तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
महिला ने कहा कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर बैंक चेयरमैन और उसके साथी पिछले चार वर्षों से उसका शारीरिक शोषण कर रहे हैं। 16 सितंबर 2015 को बैंक का चेयरमैन मीटिंग के बहाने उसे रामनगर स्थित होटल में ले गया। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसने इस संबंध में एसएसपी ऊधमसिंह नगर से शिकायत की। आरोप है कि बैंक चेयरमैन, उसके साथी ग्राम प्रधान और दो अन्य ने उसके बेटे का अपहरण कर लिया और उसके परिवारजनों को दबाव में लेकर झूठा शपथपत्र बनवा लिया। इसी आधार पर पुलिस से उनके पक्ष में जांच रिपोर्ट लगा दी। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मासूम से दुष्कर्म में पिता को दस साल कैद
चंपावत में विशेष एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने बुधवार को मासूम से दुष्कर्म के मामले में पिता को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पाटी ब्लॉक के गांव में झोपड़ी में रहकर मजदूरी करने वाले अभियुक्त ने 22 अक्तूबर 2017 को नशे में धुत होकर बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। अभियुक्त ने घटना को अंजाम देने के बाद पत्नी से भी मारपीट की थी।
28 अक्तूबर को मां बच्ची को लेकर निर्भया सेल और महिला हेल्प लाइन पहुंची थी। मेडिकल परीक्षण के बाद पाटी थाने में अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) विद्याधर जोशी ने पैरवी की।