पीएम मोदी की टीम का हिस्सा बना उत्तराखंड का बेटा
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मूलत: तल्लीताल, नैनीताल निवासी भास्कर खुल्बे की शिक्षा-दीक्षा नैनीताल से हुई। 1980 में उन्होंने कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर से बीएससी किया। 1983 बैच के आईएएस भास्कर को बंगाल कैडर मिला।
उन्हें पहली नियुक्ति वेस्ट बंगाल फिशरीज कॉरपोरेशन में मिली। इसके बाद उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल (डीओपी) में तैनाती मिली। बाद में वह पश्चिम बंगाल के रेजीडेंट कमिश्नर के रूप में दिल्ली में कार्यरत रहे।
2014 में मिली थी पीएमओ में नियुक्ति
लंबे समय तक अलग-अलग पदों पर रहने के बाद 2014 में उन्हें पीएमओ में नियुक्ति मिली। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बेहद ईमानदार और मेहनती छवि रखने वाले भाष्कर को एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्ति मिली।
टिहरी गढ़वाल के दिवली गांव कीर्तिनगर निवासी उनके साले भारत पांडे ने बताया कि सोमवार को उन्हें पीएमओ में सचिव नियुक्त किया गया है।
दिल्ली में व्यवसायी भारत ने बताया कि उनकी पत्नी मीता खुल्बे भी ऑर्डिनेंस सर्विसेज में आईएएस रही हैं। बाद में पारिवारिक कारणों से उन्होंने वीआरएस ले लिया। उन्होंने बताया कि खुल्बे की नियुक्ति से उत्तराखंड का नाम रोशन हुआ है।