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बगावत थामने को भाजपाई समझा रहे ‘मन की बात’

Sun, 22 Jan 2017 02:38 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 22 Jan 2017 02:38 PM IST
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senior leader trying to coltrol anger in party.
bjp

कांग्रेस में पिछले लंबे अर्से से चल रही बगावत की चिंगारी अब भाजपा कैंप में पहुंच गई है। कांग्रेस के घर में मचे घमासान को लगातार कैश करती आ रही भाजपा ऐन चुनाव के मौके पर खुद के खेमे में हो रही बगावत को थामने के लिए मंथन में जुट गई है।

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इसके लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मैदान में उतार दिए गए हैं। भाजपा के अंदर ही अब यह सवाल उठ रहे हैं कि बारीकी से सर्वे रिपोर्ट तैयार करने वाले रणनीतिकार आखिरकार नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं के मन की थाह लेने में कैसे चूक गए?
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भाजपा में टिकट वितरण को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। विधानसभा क्षेत्रों की सड़क से लेकर पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यालय तक नाराज नेताओं के बगावती तेवर नजर आ ही चुके हैं। चुनाव की घड़ी ज्यों ज्यों नजदीक आ रही है, असंतुष्ट धड़ों ने भी अपनी रणनीति बदल दी है।

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घर-घर जाकर बता रहे 'असलियत'

senior leader trying to coltrol anger in party.
कांग्रेस से भाजपा में आए हरक स‌िंह रावत - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों का कहना है कि, भाजपा के बागी नेताओं ने अब अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में 24 घंटे आमजन के बीच जाकर ‘असलियत’ बताने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान तक भी इसकी रिपोर्ट पहुंची है। नाराज नेताओं को बगावत से रोकने के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को मान-मनौव्वल के लिए मैदान में उतारा है।

साथ ही बागी हो रहे नेताओं को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के माध्यम से भी ‘मन की बात’ समझाने के कोशिश हो रही हैं।

दरअसल, अब समय कम होने के कारण अधिकृत प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं की एका जताने के लिए बड़े नेताओं को अलग-अलग सीट पर भी भेजा जा रहा है। शनिवार को रानीखेत में अजय भट्ट और यमुनोत्री में गोपाल रावत व गंगोत्री से केदार सिंह रावत के नामांकन के दौरान भी प्रदेश के बड़े नेताओं को भेजने की रणनीति पर काम हुआ।

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DIWAKAR BHATT - फोटो : AmarUjala

यमुनोत्री और गंगोत्री सीटों पर टिकट वितरण को लेकर एक धड़े में खासा असंतोष दिखाई दे रहा है। यही हाल, देवप्रयाग में पूर्व काबिना मंत्री दिवाकर भट्ट, नरेंद्रनगर में पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, पौड़ी में पूर्व विधायक बृजमोहन कोटवाल, कोटद्वार में पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत, धनौल्टी में सीटिंग विधायक महावीर रांगड़, चौबट्टाखाल में तीरथ सिंह रावत और रुद्रप्रयाग में पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी को टिकट न मिलने से रोष है।

वहीं, रायपुर, नैनीताल, बाजपुर, सितारगंज आदि सीटों पर नए नवेले भाजपाइयों को टिकट दिए जाने से अंदरखाने रोष फैला हुआ है। इसी तरह, डोईवाला, धर्मपुर, चकराता, विकासनगर, रामनगर, हल्द्वानी, भीमताल आदि सीटों पर भी कार्यकर्ता असमंजस में हैं।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में अंतिम सूची जारी होते ही पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा, धर्र्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, चारों पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं और आरएसएस काडर चुनावी प्रचार के साथ ही मान-मनौव्वल में भी जुट जाएंगे।

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