तहसील मुख्यालय में पिछले 16 दिनों से धरना व आठ दिनों से क्रमिक अनशन कर रहीं स्वय सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने धरने को समाप्त कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा विकासनगर के उपजिलाधिकारी के माध्यम से उन्हें आंगनबाड़ी राशन पेकिंग के कार्य को लेने के लिए आवेदन करने वाले समूहों से संबंधित आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उधर इस पूरे मामले में प्रशासन व महिलाओं के बीच धुरी का काम करने वाले जन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संबंधित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वले राशन की पेकिंग के कार्य को कुछ खास समूहों को ही दिए जाने का विरोध करते हुए तहसील परिसर में धरने पर बैठ गई थीं। उनका कहना था कि जब तक सभी समूहों को बराबरी के आधार पर काम नहीं दिया जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उधर प्रशासन से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर आठ दिन पहले महिलाओं ने तहसील परिसर में ही क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया था। महिलाओं की मांग का समर्थन करते हुए जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष व गढवाल मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रशासन से बात करके उनकी मांग को पूरा करने की पैरवी की थी। इस क्रम में उन्होंने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से लेकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों से भी बात की। उधर बुधवार को उप जिलाधिकारी से लिखित आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने अपने धरने की को समाप्त कर दिया। महिलाओं मांग पूरी नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। धरना समाप्ति की घोषणा के समय जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी, कल्पना बिष्ट, आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, सुशील भारद्वाज, नीरू त्यागी, मंजू कश्यप, किरण, तारा तोमर, सायरा आजाद, मीना श्रीवास्तव, नाजमा इकबाल, ममता राणा, दीपा रावत, बालेश्वरी, प्रभा, पोला, सरिता, छोटन, प्रीता, राधा, अनीता आदि थे।