फूड लाइसेंस पाना अब नहीं होगा मुश्किल काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फूड लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन के लिए एफिडेविट की बाध्यता खत्म हो गई है। इसी एक अप्रैल से नोटराइज्ड एफिडेविट लिए जाने बंद कर दिए गए हैं। सेल्फ डिक्लेरेशन सिस्टम लागू हो गया है। अब खाद्य व्यवसायी को सादे कागज पर अपना नाम, पता समेत व्यवसाय की जानकारी का उल्लेख करना होगा।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से बीती 31 मार्च को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्राधिकरण के डायरेक्टर (इनफोर्समेंट) विमल कुमार दुबे की ओर से इस बाबत सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है।
जिला अभिहीत अधिकारी (डीओ) अनोज कुमार थपलियाल के अनुसार इस प्रावधान की जानकारी मिल गई है, अमल लिखित निर्देश पहुंचने के बाद होगा। इससे फूड लाइसेंसिंग, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सरलता आएगी। उन व्यावसाइयों को फायदा होगा, जो नोटरी, कचहरी के चक्कर नहीं काटना चाहते।
इनके लिए जरूरी लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 12 लाख रुपये से अधिक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए व्यवसाय का लाइसेंस लेना जरूरी है, जबकि 12 लाख रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक किया गया है।
ठेले, खोमचे वाले तक किए हैं शामिल
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत ठेले, खोमचे, रेहड़ी वालों तक को व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी किया गया है। फिलहाल इस औपचारिकता को पूरा करने के लिए अंतिम तिथि आने वाली 4 अगस्त रखी गई है।
उत्तराखंड में यह है स्थिति
- खाद्य व्यवसायी-80,000
- लाइसेंसधारी यूनिट-5100
- रजिस्टर्ड यूनिट्स-20, 535
(यह आंकड़ा 22 अगस्त, 14 तक का है)