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होली से पहले ही अधिकतर ट्रेनों में सीटें फुल
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उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड जैसे राज्यों के लोगों को होली के मौके पर घर जाने के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कारण यह कि देहरादून से संचालित अधिकतर ट्रेनों में वातानुकूलित के साथ ही स्लीपर क्लास में सीटें फुल हो गई हैं।
स्थिति यह है कि देहरादून-प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस, देहरादून-हावड़ा उपासना एक्सप्रेस, देहरादून-गोरखपुर राप्तीगंगा, एक्सप्रेस और देहरादून-मुजफ्फरपुर राप्तीगंगा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में आरक्षण की प्रतीक्षा सूची 100 पार कर गई है। ऐसे में होली पर इन राज्यों के हजारों लोगों के सामने घर जाने के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं देहरादून-नईदिल्ली शताब्दी और जनशताब्दी के अलावा देहरादून-काठगोदाम जनशताब्दी एक्सप्रेस और देहरादून-कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में फिलहाल बहुत अधिक मारामारी नहीं है। इन ट्रेनों में कुछ सीटें खाली हैं। ट्रेनों में सीटें फुल होने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के लोगों ने केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की मांग की है।
पूर्वा सांस्कृतिक मंच के संस्थापक एवं महासचिव सुभाष झा का कहना है कि होली पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार और रेलवे बोर्ड को देहरादून से अधिक ट्रेनों का संचालन करना चाहिए। संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से पहले ही कई ट्रेनों का संचालन नहीं किया जा रहा है, लेकिन अब जबकि होली का पर्व नजदीक है तो लोगों की समस्याओं को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू होना चाहिए।
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वहीं, स्टेशन अधीक्षक (परिचालन) सीताराम शंकर का कहना है कि होली के मद्देनजर नई ट्रेनों के संचालन को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से फिलहाल कोई आदेश नहीं मिला है। यदि रेलवे बोर्ड और मंडल मुख्यालय की ओर से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है तो उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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स्थिति यह है कि देहरादून-प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस, देहरादून-हावड़ा उपासना एक्सप्रेस, देहरादून-गोरखपुर राप्तीगंगा, एक्सप्रेस और देहरादून-मुजफ्फरपुर राप्तीगंगा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में आरक्षण की प्रतीक्षा सूची 100 पार कर गई है। ऐसे में होली पर इन राज्यों के हजारों लोगों के सामने घर जाने के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं देहरादून-नईदिल्ली शताब्दी और जनशताब्दी के अलावा देहरादून-काठगोदाम जनशताब्दी एक्सप्रेस और देहरादून-कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में फिलहाल बहुत अधिक मारामारी नहीं है। इन ट्रेनों में कुछ सीटें खाली हैं। ट्रेनों में सीटें फुल होने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के लोगों ने केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की मांग की है।
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पूर्वा सांस्कृतिक मंच के संस्थापक एवं महासचिव सुभाष झा का कहना है कि होली पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को जाते हैं। ऐसे में लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार और रेलवे बोर्ड को देहरादून से अधिक ट्रेनों का संचालन करना चाहिए। संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से पहले ही कई ट्रेनों का संचालन नहीं किया जा रहा है, लेकिन अब जबकि होली का पर्व नजदीक है तो लोगों की समस्याओं को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू होना चाहिए।
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वहीं, स्टेशन अधीक्षक (परिचालन) सीताराम शंकर का कहना है कि होली के मद्देनजर नई ट्रेनों के संचालन को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से फिलहाल कोई आदेश नहीं मिला है। यदि रेलवे बोर्ड और मंडल मुख्यालय की ओर से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है तो उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।