चॉपर से एक हजार फीट नीचे खाई में SDRF जवानों ने ढूंढे शव
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उत्तराखंड से लगी हिमाचल प्रदेश की सीमा में बुधवार सुबह हुए बस हादसे में राहत बचाव कार्यों के बीच एसडीआरएफ की टीम को चॉपर से नदी में उतारा गया। अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा को भी एक हजार फीट नीचे गिरी बस का हवाई निरीक्षण किया। हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय बनाकर देर रात तक कार्रवाई चलती रही।
विकासनगर से बुधवार तड़के पांच बजे मीनस के रास्ते त्यूनी के लिए रवाना हुई यह बस हिमाचल प्रदेश की सीमा में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। 46 यात्रियों को लेकर जा रही यह बस तकनीकी खराबी के कारण एक हजार फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने बस के गिरने की सूचना मिलते ही हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों को घटना की जानकारी देने के साथ यहां से अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा, एसडीआरएफ और अन्य अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेज दिया।
एडीजी मीणा चॉपर से घटनास्थल के लिए रवाना हुए। हैलीकाप्टर को घटनास्थल से 10 किलोमीटर पहले उतारा गया, लेकिन घटनास्थल एक हजार फीट नीचे होने के कारण वहां पैदल जाना संभव नहीं था।
45 लोगों के शव बरामद
एडीजी ने हैलीकाप्टर को नीचे उतारकर घटनास्थल का हवाई निरीक्षण कि या। एसडीआरएफ कमाडेंट जगत राम जोशी भी जवानों को लेकर चॉपर से गए।
जवानों को चॉपर से ही नीचे उतारा गया। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल और एसपी देहात श्वेता चौबे विकासनगर इंस्पेक्टर संदीप नेगी, एसओ प्रेमनगर नरेश राठौड आदि को लेकर सड़क मार्ग से घटनास्थल पर गए। डीआईजी पुष्पक ज्योति ने उत्तरकाशी और त्यूनी से एसडीआरएफ को मौके पर भेजने के साथ हिमाचल के अधिकारियों से लगातार बात होती रही।
हिमाचल के अधिकारी और पुलिस सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मदद के लिए यहां से एसडीआरएफ और एडीजी कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा को मौके पर भेजा गया। हादसे में मरे 45 लोगों के शवों को बरामद कर लिया गया है। इनमें 28 पुरु ष, 10 महिलाएं और सात बच्चे शामिल है। 24 शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। इन सभी डीएनए सैंपल सरक्षित किए गए है। बस कंडक्टर और एक बालक मौत के मुंह से बचकर आए है।
-एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड