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Dehradun News: पांचवें दिन लखवाड़ बांध प्रभावितों का धरना समाप्त
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I- मांगों को शासन और जिला प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन
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I- धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम और यूजेवीएनएल के महाप्रबंधकI
एसडीएम और यूजेवीएनएल के अधिकारियों ने लखवाड़ बांध साइट पर धरने पर बैठे बांध प्रभावितों से वार्ता की। एसडीएम और निगम के अधिकारियों ने बांध प्रभावितों की मांगों को शासन और जिला प्रशासन तक पहुंचाने का और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर पांचवें दिन बांध प्रभावितों ने कार्यबंदी और धरना समाप्त कर दिया।
बृहस्पतिवार को बांध प्रभावितों ने लखवाड़ बांध साइट पर कार्य बंदी करने के साथ धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम कालसी हरगिरी गोस्वामी और यूजेवीएनएल के महाप्रबंधक एसके सिंह ने बांध विस्थापित श्रम सहकारी समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की। एसडीएम हरगिरी गोस्वामी ने बताया कि बांध प्रभावितों की समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन गंभीर है। इसको लेकर शासन और जिला प्रशासन से वार्ता की जाएगी। इस अवसर पर समिति के महामंत्री बलबीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, उपसचिव भरत सिंह तोमर, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह पुंडीर व अन्य बांध प्रभावितों आदि सहित जल विद्युत निगम के अधिकारी गण उपस्थित थे।
Iज्ञापन सौंपाI
समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और सचिव राजेश चौहान ने बताया कि बांध प्रभावितों की अनुग्रह अनुदान सहायता में वृद्धि, नई जमीनों के अधिग्रहण में टिहरी गढ़वाल के समान उच्चतर सर्किल की रेट के आधार पर प्रतिकर दिए जाने, परिवारों की गणना जून 2013 के स्थान पर भुगतान वाले दिन करने, बांध से पूरी तरह से विस्थापित ग्रामीणों को सहमति से अपने ही क्षेत्र में बसने दिया जाने, स्थाई रोजगार और निर्माण कार्य कर रही कंपनी एल एंड टी में 75 फीसदी स्थानीय प्रभावितों को रोजगार मुहैया करवाने आदि मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
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Iसीएम पोर्टल और मानव अधिकार आयोग में की शिकायतI
पुकार स्किल फाउंडेशन, कालसी के निदेशक सुदेश तोमर ने बताया कि उनकी ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री पोर्टल पर बांध प्रभावितों की समस्याओं को लेकर शिकायत की गई थी। उन्होंने दावा किया कि 16 नवंबर को बांध प्रभावितों और यूजेवीएनएल के अधिकारियों के बीच वार्ता प्रस्तावित है।
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I- मांगों को शासन और जिला प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन
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I- धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम और यूजेवीएनएल के महाप्रबंधकI
एसडीएम और यूजेवीएनएल के अधिकारियों ने लखवाड़ बांध साइट पर धरने पर बैठे बांध प्रभावितों से वार्ता की। एसडीएम और निगम के अधिकारियों ने बांध प्रभावितों की मांगों को शासन और जिला प्रशासन तक पहुंचाने का और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर पांचवें दिन बांध प्रभावितों ने कार्यबंदी और धरना समाप्त कर दिया।
बृहस्पतिवार को बांध प्रभावितों ने लखवाड़ बांध साइट पर कार्य बंदी करने के साथ धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम कालसी हरगिरी गोस्वामी और यूजेवीएनएल के महाप्रबंधक एसके सिंह ने बांध विस्थापित श्रम सहकारी समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की। एसडीएम हरगिरी गोस्वामी ने बताया कि बांध प्रभावितों की समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन गंभीर है। इसको लेकर शासन और जिला प्रशासन से वार्ता की जाएगी। इस अवसर पर समिति के महामंत्री बलबीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, उपसचिव भरत सिंह तोमर, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह पुंडीर व अन्य बांध प्रभावितों आदि सहित जल विद्युत निगम के अधिकारी गण उपस्थित थे।
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समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह और सचिव राजेश चौहान ने बताया कि बांध प्रभावितों की अनुग्रह अनुदान सहायता में वृद्धि, नई जमीनों के अधिग्रहण में टिहरी गढ़वाल के समान उच्चतर सर्किल की रेट के आधार पर प्रतिकर दिए जाने, परिवारों की गणना जून 2013 के स्थान पर भुगतान वाले दिन करने, बांध से पूरी तरह से विस्थापित ग्रामीणों को सहमति से अपने ही क्षेत्र में बसने दिया जाने, स्थाई रोजगार और निर्माण कार्य कर रही कंपनी एल एंड टी में 75 फीसदी स्थानीय प्रभावितों को रोजगार मुहैया करवाने आदि मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
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Iसीएम पोर्टल और मानव अधिकार आयोग में की शिकायतI
पुकार स्किल फाउंडेशन, कालसी के निदेशक सुदेश तोमर ने बताया कि उनकी ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री पोर्टल पर बांध प्रभावितों की समस्याओं को लेकर शिकायत की गई थी। उन्होंने दावा किया कि 16 नवंबर को बांध प्रभावितों और यूजेवीएनएल के अधिकारियों के बीच वार्ता प्रस्तावित है।