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देहरादून के विज्ञानियों ने खोजी अंटार्कटिका में नई पेंग्विन कॉलोनी

Thu, 07 Sep 2017 12:57 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 Sep 2017 12:57 PM IST
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scientists found breeding colony of penguin in antarctica
800 घोंसलों वाली नई ब्रीडिंग कॉलोनी खोज निकाली

अंटार्कटिका के दक्षिण गोलार्ध में भारतीय वन्य जीव संस्थान के विज्ञानियों ने पेंग्विन (एडली) के 800 घोंसलों वाली नई ब्रीडिंग कॉलोनी खोज निकाली है। इस क्षेत्र में चीन और रूस के विज्ञानी भी रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह सफलता नहीं मिली।

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माना जा रहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते प्रभाव से पेंग्विन वासस्थलों में बदलाव कर रहे हैं। इसके साथ ही अचानक इकट्ठी बर्फबारी होने से पक्षियों के 20 फीसदी अंडे खराब हो जा रहे हैं। इकट्ठी बर्फबारी को जलवायु परिवर्तन का प्रभाव माना जा रहा है। 
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अंटार्कटिका के दक्षिणी गोलार्ध में लारसिमान हिल्स और शिरमाकर ओयसिस में भारतीय रिसर्च स्टेशन हैं। इन जगहों के मैत्री और भारती नाम दिए गए हैं। इस क्षेत्र में भारतीय वन्य जीव संस्थान के विज्ञानी स्नो पेट्रल, स्टॉर्म पेट्रल, साउथ पोलर स्कुआ और पेंग्विन एडली पर काम कर रहे हैं।

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चीन और रूस ने भी बनाए हैं रिसर्च स्टेशन

scientists found breeding colony of penguin in antarctica
चीन और रूस के विज्ञानियों के सर्वे में पेग्विन एडली की नई कॉलोनी अभी तक रिपोर्ट नहीं हुई
इस क्षेत्र में चीन और रूस ने भी रिसर्च स्टेशन बना रखे हैं। चीन और रूस के विज्ञानियों के सर्वे में पेग्विन एडली की यह नई कॉलोनी अभी तक रिपोर्ट नहीं हुई। भारतीय वन्य जीव संस्थान के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. शिव कुमार और अनंत पांडेय अंटार्कटिका में रिसर्च कार्य कर रहे हैं।

अनंत पांडेय ने बताया कि वर्ष 2008 से 16 तक पक्षियों का डाटा इकट्ठा किया गया है। अभी और डाटा इकट्ठा किए जाने की जरूरत है। विज्ञानियों ने अब जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के मद्देनजर खोज शुरू कर दी है। वहां इकट्ठी बर्फबारी होने की घटनाएं बढ़ रही है।

पिछले सीजन में इकट्ठी बर्फबारी से स्नो पेट्रल के 20 फीसदी बच्चे मर गए। विज्ञानी इन पक्षियों के प्रजनन की स्थिति का अध्ययन कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंटार्कटिका के उत्तरी गोलार्ध में जब जाड़ा पड़ता है तो दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी का मौसम होता है। गर्मी में यहां -10 डिग्री तापमान रहता है।
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