देहरादून: सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को दाखिला न देने वाले स्कूल पर होगी कानूनी कार्रवाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोर्डिंग स्कूल में हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता को दाखिला न देने वाले स्कूल पर कानूनी कार्रवाई होगी। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पीड़िता के परिवार से इस संबंध में बातचीत की है। अब मामले में विधिक राय ली जा रही है।
बोर्डिंग स्कूल में दुष्कर्म का शिकार हुई पीड़िता को देहरादून के कई स्कूलों ने दाखिला नहीं दिया। पीड़िता की अधिवक्ता अरुणा नेगी चौहान ने बताया कि दून के कई स्कूलों ने बिना कोई कारण बताए दाखिला देने से इंकार कर दिया। इसके बाद वे पिछले माह कैंट क्षेत्र के एक बड़े स्कूल में दाखिले की बात करने गए थे।
वहां उन्होंने प्रवेश फार्म भरा और स्कूल प्रबंधन ने भी अच्छे से बात की। उन्हें लगा कि यह स्कूल बच्ची का प्रवेश ले लेगा, लेकिन कुछ देर बाद ही प्रबंधन के एक अधिकारी ने उनसे दो टूक कह डाला कि उनकी बेटी दुष्कर्म पीड़िता है, लिहाजा वे बच्ची को स्कूल में दाखिला नहीं दे सकते।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में यह खबर प्रकाशित की। खबर का संज्ञान लेते हुए एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने दुष्कर्म पीड़िता के अभिभावकों से फोन पर बात की। उन्होंने संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि मामले में विधिक राय ली जा रही है।
इसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस मामले में पक्ष जानने के लिए गढ़ी कैंट स्थित स्कूल के प्रबंधक को फोन किया गया। उन्हें एसएमएस भी किया गया। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब उनका जवाब आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।
मेरे पास अभी कोई इस संबंध में शिकायत नहीं आई है। जैसे ही मामला मेरे पास आएगा तो संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।
-एसए मुरूगेशन, जिलाधिकारी, देहरादून
बोर्डिंग स्कूल के कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों की रिपोर्ट हमने सीबीएसई दिल्ली को भेज दी है। बोर्ड से जैसे भी निर्देश आएंगे, उसके मुताबिक छात्रों पर फैसला होगा। अभिभावक निश्चिंत रहें। सीबीएसई बच्चों का नुकसान नहीं होने देगा।
-रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई देहरादून
ये है मामला
गत 16 सितंबर को भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप की बात सामने आई थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यहां छात्रा से विगत 14 अगस्त को चार छात्रों ने गैंगरेप किया था। यह भी पता चला कि छात्रा ने जब यह बात प्रबंधन को बतानी चाही तो उन्होंने इसे दबाने का प्रयास किया।
छात्रा गर्भवती हुई तो उसका जबरन गर्भपात कराया गया। प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने निदेशक, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी व आया को आपराधिक षड्यंत्र व अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया था।
जबकि, तीन नाबालिग छात्रों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के माध्यम से बाल सुधार गृह भिजवाया और एक बालिग छात्र को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर सुद्धोवाला जेल भेजा।
स्कूलों ने कहा, हम देंगे एडमिशन
राजधानी के एक स्कूल ने दुष्कर्म पीड़िता को दाखिला देने से इंकार कर दिया तो दूसरी ओर देहरादून के ही कुछ स्कूलों ने पीड़िता को दाखिला देने की पेशकश की है। दूसरी ओर, प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन ने भी इस स्कूल के इस फैसले की निंदा की है।
एशियन स्कूल के प्रिंसिपल एके दास का कहना है कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस बिटिया को दाखिला दें। उन्होंने पेशकश की है कि अगर अभिभावक चाहें तो उनके स्कूल में दाखिले के लिए आ सकते हैं। बशर्ते छात्रा के विषय हमारे पास उपलब्ध हों। दूसरी ओर, दून वैली इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डॉ. संजय चौधरी ने भी पीड़िता के अभिभावकों को दाखिले की पेशकश की है।
उनका कहना है कि किसी भी बच्ची को उसके साथ हुई अनहोनी के आधार पर दाखिले से नहीं रोका जा सकता है। मामले में प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन(पीपीएसए) के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने गढ़ी कैंट स्थित स्कूल के दुष्कर्म पीड़िता होने के आधार पर दाखिले से इंकार करने की निंदा की है। उनका कहना है कि हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी बच्चियों को सपोर्ट करें। उन्हें आगे बढ़ाएं।