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उत्तराखंड: 10 स्कूली बच्चों की मौत का मामला, गांव पहुंचे सीएम से परिवारों ने नहीं लिए मुआवजे के चेक 

Mon, 12 Aug 2019 11:46 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 12 Aug 2019 11:46 AM IST
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School van Accident Children Parents Not Accepted Compensation Check from cm trivendra
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के टिहरी में हाल ही में वाहन दुर्घटना में मृतक 10 बच्चों के परिवारों ने राज्य सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। रविवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत एक-एक लाख रुपये मुआवजे के चेक देने मृतक बच्चों के गांव पहुंचे। 

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को कंगसाली पहुंचकर स्कूल वाहन दुर्घटना में मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों को ढाढ़स बंधाया। सीएम ने कहा कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
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इस दौरान वहां लोगों ने खूब हंगामा किया। प्रभावित परिवार के सदस्यों ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख और घायल बच्चों के उपचार के लिए पांच-पांच लाख के चेक दिए जाने की मांग की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। 
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प्रभावित परिवारों ने कहा कि जो एक-एक लाख के चेक पूर्व में मिले थे, उन्हें भी प्रशासन को वापस किया जाएगा। विरोध के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत थार्ती गांव में बाटल फटने से मृतक मां बेटे के परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गए। 

मुख्यमंत्री ने पोंछे आपदा पीड़ितों के आंसू

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को भिलंगना ब्लॉक के थार्ती और ठेला गांव पहुंचकर आपदा पीड़ितों के आंसू पोंछे। दोनों गांवों में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी व्यवस्थाओं की जल्द से जल्द बहाली के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पेयजल, विद्युत लाइनों, सिंचाई गूलों, संपर्क मार्गों और पैदल पुलियाओं की शीघ्र मरम्मत कर ली जाए। नैलचामी गाड़ से कृषि भूमि को हुए नुकसान की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को मुख्यमंत्री ने कहा है। 

थार्ती गांव के सौड़ नामे तोक में 8 अगस्त की रात को बादल फटने से शंकर सिंह बुटोला का मकान मलबे की भेंट चढ़ गया था। आपदा में शंकर सिंह की बहू मकानी देवी (35) और पोते सुरजीत सिंह (7) की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। मलबे में दबी उनकी पोती सपना (13) को सकुशल बचा लिया गया था। बादल फटने से नैलचामी गदेरे के मलबे ने थार्ती गांव, बडियार गांव, तितराणा, चकरेणा, होल्टा, ठेला, मल्याकोट, मल्ड, महड, धारगांव मयाली और बेहड़ा गांव के संपर्क मार्ग, पेयजल लाइनें, विद्युत लाइनें, संपर्क मार्ग, सिंचाई नहरें तहस-नहस कर दी है। 

मुख्यमंत्री ने थार्ती गांव पहुंचकर आपदा पीड़ित शंकर सिंह बुटोला को सांत्वना दी और सरकार की ओर से उनकी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में भर्ती उनकी पोती सपना को बेहतर इलाज की जरूरत पड़ी तो सरकार उसे हायर सेंटर भेजकर भी उपचार कराएगी। सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आगणन तैयार कर जल्द शासन को उपलब्ध कराने को कहा। 

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